1 सितंबर से बदल जाएंगे बैंकिंग, ट्रैफिक और टैक्‍स से जुड़े ये नियम, जानें आपकी जेब पर कैसे पड़ेगा असर

1 सितंबर से बदल जाएंगे बैंकिंग, ट्रैफिक और टैक्‍स से जुड़े ये नियम, जानें आपकी जेब पर कैसे पड़ेगा असर

अगस्त महीना खत्म होने को आया है। नए महीने सितंबर (September) की शुरुआत होने जा रही है। 1 सितंबर 2019 से बैंकिंग, ट्रैफिक और टैक्‍स से संबंधित कई नियम बदलने (Things to change from 1 September 2019) जा रहे हैं। इन बदलावों से आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित होगी। इन बदलावों से कहीं आपको राहत मिलेगी तो कुछ ऐसे भी मोर्चे हैं जहां आपकी जेब पर मार पड़ेगी। ऐसे में इन नियमों के बारे में जानना जरूरी है।

बैंकिंग नियमों में बदलाव

1 सितंबर से बैंक से जुड़े कुछ अहम नियम बदल जाएंगे। मसलन, देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया) ने अपने पुराने ग्राहकों के होम या ऑटो लोन को रेपो रेट से लिंक करने का फैसला किया है। इसके लागू होने के बाद जब भी रिज़र्व बैंक (आरबीआई) रेपो रेट में कटौती करेगा तब ग्राहकों को तत्‍काल प्रभाव से फायदा मिलेगा। 1 सितंबर से होम लोन पर ब्याज दर 8.05 फीसदी होगी। RBI ने अगस्त में ही रेपो रेट घटाकर 5.40 फीसदी कर दिया है। आने वाले दिनों में एसबीआई की देखा-देखी दूसरे सरकारी बैंक भी लोन को रेपो रेट से लिंक कर सकते हैं।


इसके अलावा सरकारी बैंकों से 59 मिनट में होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन (Personal Loan in 59 minute) लेने की सुविधा मिलनी शुरू हो सकती है। साथ ही, सितंबर महीने में बैंकों के खुलने और बंद होने के समय में भी बदलाव होने की खबर भी है। अब बैंक सुबह 10 बजे की बजाय 9 बजे खुलेंगे। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के बैंकिंग डिवीजन ने सभी सरकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को सुबह 9 बजे खोलने का प्रस्ताव दिया है।

बंद हो जाएगा आपका मोबाइल वॉलेट

अगर आप भी पेटीएम, फोनपे, गूगलपे जैसे मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं, तो 31 अगस्त तक इनकी केवाईसी पूरी करा लें। केवाईसी पूरी न कराने की स्थिति में 1 सितंबर से आपका मोबाइल वॉलेट काम करना बंद कर देगा। रिजर्व बैंक ने इन मोबाइल वॉलेट कंपनियों को अपने कस्टमर्स की केवाईसी पूरी कराने के लिए 31 अगस्त तक की समयसीमा दी थी, जिसके बाद बिना केवाईसी वाले वॉलेट बंद हो जाएंगे।

टैक्‍स नियमों में बदलाव

1 सितंबर से टैक्‍स से जुड़े नियम भी बदल जाएंगे। ज्ञात हो कि पुराने टैक्स मामलों को निपटाने के लिए एक स्‍कीम लॉन्‍च की गई है। इसके तहत बकाया टैक्स चुकाया जा सकेगा। इस स्कीम में टैक्स चुकाने पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी बल्कि ब्याज, पेनाल्टी से छूट भी मिलेगी। इसके तहत 50 लाख तक के टैक्स पर 70 फीसदी, 50 लाख से ज्यादा के टैक्स पर 50 फीसदी, 50 लाख तक देनदारी, अपील वापसी पर 60 फीसदी और 50 लाख से ज्यादा टैक्स, अपील वापसी पर 40 फीसदी छूट मिलेगी। इसी तरह 1 सितंबर से इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना भी देना पड़ सकता है।


बीमा नियमों में बदलाव

अगर आपके पास कार या दो-पहिया वाहन है तो 1 सितंबर से नए बीमा नियमों के लिए तैयार रहिए। दरअसल, साधारण बीमा कंपनियां अब वाहनों को भूकंप, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं, तोडफोड़ और दंगे जैसी घटनाओं से होने वाले नुकसान के लिए अलग से बीमा कवर उपलब्ध कराएंगी। बीते जुलाई महीने में बीमा नियामक संस्था इरडा ने साधारण बीमा कंपनियों को इसे 1 सितंबर से लागू करने को कहा था।

किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना आसान

1 सितंबर से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाना पहले के मुकाबले आसान हो जाएगा। अब अधिकतम 15 दिनों में बैंक को किसान क्रेडिट कार्ड जारी करना होगा। इस संबंध में बीते दिनों केंद्र सरकार ने निर्देश दिया था।

ट्रैफिक नियमों में बदलाव

1 सितंबर से ट्रैफिक से जुड़े कई नियम बदल जाएंगे। आपको बता दें कि इस दिन से मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम के 63 उपबंध लागू होने वाले हैं। इनमें यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर भारी-भरकम जुर्माना लगाने के प्रावधान शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक शराब पीकर गाड़ी चलाने, तेज गति से गाड़ी चलाने (ओवरस्पीड) और ओवरलोडिंग समेत अन्य मामलों में जुर्माने की राशि को बढ़ाया गया है। इसके अलावा देश में सड़क दुर्घटनाओं के लिए जिम्‍मेदारी भी तय की गई है। इस नियम के तहत सड़क निर्माण में गड़बड़ी के कारण एक्सीडेंट होने पर कंपनी या ठेकेदार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।


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