7 साल बाद फिर क्यों सुर्खियों में आया निर्भया गैंगरेप का केस

7 साल बाद फिर क्यों सुर्खियों में आया निर्भया गैंगरेप का केस

नई दिल्ली | साल 2012 के दिसंबर में हुई निर्भया गैंगरेप की घटना ने देश को हिला कर रख दिया था। अब सात साल बाद यह घटना फिर सुर्खियों में है। वजह है वरिष्ठ टीवी पत्रकार अजीत अंजुम का निर्भया के दोस्त को लेकर किया गया बड़ा खुलासा। खुलासा है कि अपने दोस्त के साथ हुई गैंगरेप की दर्दनाक दास्तां सुनाने के बदले घटना के समय साथ रहा उसका दोस्त टीवी चैनलों से पैसे लेता था।

अपने तीखे तेवरों के लिए चर्चित अजीत अंजुम के मुताबिक, टीवी चैनलों पर आने के बदले अपने चाचा के साथ मिलकर लड़का एक-एक लाख रुपये की डील करता था। लड़की के दोस्त को बेनकाब करने के लिए उन्होंने सितंबर 2013 में स्टिंग भी कराया था, मगर उस स्टिंग को उन्होंने टीवी चैनल पर न चलाने का फैसला किया था।


निर्भया के दोस्त का पैसा लेते हुए कैमरे में कैद होने के बावजूद उस वक्त स्टिंग न प्रसारित करने के पीछे की वजह बताते हुए अजीत अंजुम ने आईएएनएस से कहा, “चूंकि निर्भया का दोस्त घटना का मुख्य चश्मदीद था, इस नाते मुझे लगा कि चैनल को घटना की कहानी सुनाने के बदले दोस्त के पैसे लेने का स्टिंग दिखाने पर देश को झकझोर देने वाला निर्भया केस प्रभावित हो सकता है। आरोपी पक्ष के वकील स्टिंग का दुरुपयोग कर सकते हैं, मीडिया के लिए टीआरपी नहीं पत्रकारीय मूल्य, संपादकीय गरिमा और संवेदनशीलता ज्यादा जरूरी है।”

वेबसीरीज ने खुलासे को किया मजबूर :

इतने साल बाद खुलासा क्यों? दरअसल, अजीत अंजुम दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 को हुए इस गैंगरेप पर बनी वेबसीरीज ‘दिल्ली क्राइम’ देखते हुए विचलित हो उठे और फिर उन्होंने बरसों से सीने में छुपाए राज को बयां करने का फैसला किया, जो उन्हें बेचैन किए हुए था।


सोशल मीडिया पर क्या लिखा अंजुम ने?

अजीत अंजुम ने बीते 12 अक्टूबर को कई ट्वीट कर निर्भया गैंगरेप की शिकार लड़की के दोस्त को लेकर सनसनीखेज दावे किए हैं। वह ट्वीट में लिखते हैं, “वाकया सितंबर 2013 का है। निर्भया रेप कांड के आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी। सभी चैनलों पर निर्भया कांड के बारे में लगातार कवरेज हो रहा था। मैं उस वक्त ‘न्यूज 24’ का मैनेजिंग एडिटर था। निर्भया का दोस्त कुछ चैनलों पर उस जघन्य कांड की कहानी सुना रहा था।”

उन्होंने कहा, “मैं उसको लगातार टीवी पर देख रहा था। मुझे उसकी आंखों में कभी दर्द नहीं दिख रहा था। मैंने भी अपने रिपोर्टर्स को निर्भया के दोस्त को अपने स्टूडियो लाने की जिम्मेदारी दी। कुछ देर में मुझे बताया गया कि उसका दोस्त अपने चाचा के साथ ही स्टूडियो जाता है और इसके बदले हजारों रुपये लेता है। सुनकर पहले तो यकीन नहीं हुआ। उस लड़के पर बहुत गुस्सा भी आया। मैंने फैसला किया कि पैसे मांगते और पैसे लेते हुए निर्भया के इस दोस्त का स्टिंग करूंगा और ऑन एयर एक्सपोज करूंगा। उसकी जगह मैंने खुद को रखकर कई बार सोचा। लगातार सोचता रहा। वहशियों की शिकार दोस्त की चीखें जिसके कानों में गूंजी होंगी, वह पैसे लेकर चैनलों को कहानी सुनाएगा?”

उन्होंने कहा, “मैं इस बात पर बौखलाया था कि जिस लड़के के सामने उसकी गर्लफ्रेंड गैंगरेप और दरिंदगी की शिकार होकर दुनिया से रुखसत हो गई हो, उसकी दास्तान सुनाने के बदले वो लड़का चैनलों से ‘डील’ कर रहा है।”

उन्होंने कहा, “मेरे रिपोर्टर ने मेरे सामने बैठकर मोबाइल से उस लड़के के चाचा से बात की। उसने एक लाख लेकर स्टूडियो में आने की बात की। कम करके 70 हजार रुपये पर बात तय हुई। मैंने सोचा कि कहीं चाचा तो भतीजे के नाम पर पैसे नहीं ले रहा? मैं चाहता था कि पैसे उस लड़के के सामने दिए जाएं।”

निर्भया के उस ‘दोस्त’ के सामने स्टूडियो इंटरव्यू के लिए 70 हजार रुपये दिए गए। खुफिया कैमरे में सब रिकार्ड हुआ। फिर उसे स्टूडियो ले जाया गया। दस मिनट की बातचीत के बाद ऑन एयर ही उस लड़के से पूछा गया कि आप निर्भया की दर्दनाक दास्तान सुनाने के लिए चैनलों से पैसे क्यों लेते हो?

उन्होंने कहा, “हमने तय किया था कि ये शो पहले रिकार्ड करेंगे, फिर तय करेंगे कि क्या करना है। वो लड़का पैसे लेने की बात से इंकार करता रहा, फिर रिकार्डिग के दौरान ही उस लड़के को ऑन स्क्रीन ही उसके स्टिंग का हिस्सा दिखाया गया, तब उसके होश उड़ गए, कैमरों के सामने उसने माफी मांगी।”

अजीत अंजुम ने आईएनएस से कहा, “मैंने लड़के से कहा था कि अगर तुमने फिर किसी चैनल पर इंटरव्यू दिया तो एक्सपोज कर दूंगा, तब से वह नजर नहीं आया।”

(इस खबर को न्यूज्ड टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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