आईआरएस अधिकारी जाली दस्तावेज बनाने में नामजद

  • Follow Newsd Hindi On  

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)| केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2008 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी नवनीत कुमार पर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में बैठने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। वह परीक्षा के लिए तय उम्र-सीमा को पार कर गए थे।

रोचक तथ्य यह है कि नवनीत कुमार का वास्तविक नाम राजेश कुमार शर्मा है, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान बदल ली और खुद को योग्य बनाने के लिए नवनीत नाम से प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया। राजेश कुमार, बिहार के पश्चिम चंपारण से हैं।


एजेंसी ने एक लिखित शिकायत के बाद राजेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी का एक मामला दर्ज किया है। इस शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि नवनीत कुमार ने फर्जी शैक्षिक व जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर सेवा में आए।

जय नारायण शर्मा के बेटे नवनीत कुमार का 2007 यूपीएससी परीक्षा के जरिए आईआरएस में चयन हुआ था। वह 1996 में बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड से 10वीं व 2003 में कक्षा 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण हुए और मुजफ्फरपुर स्थित बाबा साहेब अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय से साल 2008 में स्नातक (ऑनर्स) की डिग्री ली थी। उनकी जन्मतिथि 15 जून, 1980 है।

पाया गया कि यही पता जय नारायण शर्मा के बेटे राजेश कुमार शर्मा का भी है। इस राजेश कुमार शर्मा ने बेतिया स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ाई की है और कक्षा 10वीं 1991 में व कक्षा 12वीं सीबीएसई बोर्ड से 1993 में उत्तीर्ण की है।


आरोप लगाया गया है कि जब राजेश कुमार शर्मा यूपीएससी परीक्षा के लिए उम्र ज्यादा हो गई तो उन्होंने अपनी पहचान बदल ली और नवनीत कुमार के नाम से प्रमाणपत्र हासिल किए व पिता का नाम और पता वहीं रखा।

पश्चिम चंपारण के उप निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र व ग्राम प्रधान व अन्य निवासियों के बयान से संकेत मिलता है कि नवनीत कुमार ने बाद में राजेश कुमार शर्मा की पहचान को अपना लिया।

यह भी आरोप लगाया गया है कि अस्थायी प्रमाणपत्र के अनुसार, नवनीत कुमार ने 17 दिसंबर, 2008 को बीए (ऑनर्स) की डिग्री जमा की।

 

(इस खबर को न्यूज्ड टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर फ़ॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब भी कर सकते हैं.)