आयकर विभाग ने ‘संदिग्ध’ सौदों पर डीएचएफएल से स्पष्टीकरण मांगा

नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)| आयकर विभाग ने कर्ज से लदी एनबीएफसी (गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी) दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लि. (डीएचएफएल) को नोटिस भेजकर उसके बही-खाते मांगे हैं और ‘अस्पष्ट लेन-देन’ को स्पष्ट करने को कहा है, जबकि कंपनी ने इससे इनकार करते हुए कहा है कि ‘किसी भी प्रकार के संदिग्ध लेन-देन’ का कोई संदर्भ नहीं है। सूत्रों का कहना है कि विभाग के मुंबई आयकर कार्याय को कई ‘संदिग्ध लेन-देन’ की जानकारी मिली है और उसने डीएचएफएल को स्पष्टीकरण देने को कहा है। लेकिन कंपनी ने नियामकीय फाइलिंग में कहा, “यह नोटिस किसी संदिग्ध लेन-देन का उल्लेख नहीं करता है। इसके अलावा, हमारी जानकारी के मुताबिक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (विनिमयन और प्रकटीकरण जरूरतें) कानून, 2015 के तहत कोई भी अन्य मूल्य को लेकर संवेदनशील जानकारी नहीं है, जिससे कंपनी के शेयरों की कीमतों पर प्रभाव पड़े।”

सोमवार को डीएचएफएल ने शेयर बाजारों को सूचित किया था कि आयकर विभाग के अनुसंधान खंड ने कंपनी को नोटिस भेजा है और कंपनी के खाते के कुछ पहलुओं को लेकर जानकारी/सबूत मांगे हैं।


एनबीएफसी ने कहा कि वह संबंधित जानकारी को इकट्ठा कर रहा है और नियत समय में उसे नियामक विभाग के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

कंपनी की जांच समाचार पोर्टल कोबरापोस्ट की जनवरी में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद शुरू हुई है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि डीएचएफएल ने शेल (फर्जी) कंपनियों को कर्ज और अग्रिम राशि देकर 31,000 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन का गबन किया और उससे खुद के लिए निजी संपत्ति बनाई।

डीएचएफएल ने इन आरोपों की जांच के लिए 31 जनवरी को स्वतंत्र चार्टड एकाउंटेसी फर्म को नियुक्त किया था।


 

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