अलवर में दलितों की मौत के खिलाफ प्रदर्शन

 जयपुर, 16 अगस्त (आईएएनएस)| अलवर जिले के टपूकड़ा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुक्रवार को दलितों के विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी।

  अलवर में कुछ दिन पहले भीड़ ने हरीश जाटव की पीटकर हत्या कर दी थी। इसे लेकर उसके पिता रतिराम जाटव ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली, जिसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।


पुलिस हरीश की हत्या के आरोपियों को पकड़ने में विफल रही, जिसके चलते रतिराम परेशान थे।

17 जुलाई को हरीश की बाइक की टक्कर एक दूसरी बाइक से हो गई थी। इसके बाद वहां मौजूद भीड़ ने उसे बुरी तरह मारा-पीटा। अलवर के डॉक्टरों ने इलाज के लिए हरीश को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया, जहां उसकी इलाज के दौरान 18 जुलाई को मौत हो गई।

रतिराम की खुदखुशी की खबर सुनने के बाद बड़ी संख्या में दलित स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने हेल्थ सेंटर के कर्मियों को रतिराम के शव का पोस्टमार्टम करने से रोक दिया।


पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारी हरीश की हत्या के आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

पुलिस की कथित उदासीनता के कारण हरीश जाटव के दृष्टिहीन पिता ने गुरुवार को खुदकुशी कर ली। परिवार के लोगों ने आरोप लगाया है कि रतिराम को आरोपियों से धमकियां मिल रही थीं और पुलिस ने इस संबंध में रतिराम की कोई मदद नहीं की।

पुलिस के सूत्रों ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए विरोध प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। हालांकि, टपूकड़ा के थाना प्रभारी राजीव कुमार ने आईएएनएस के फोन कॉल का कोई जवाब नहीं दिया।

हरीश जाटव की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई नेता प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए हैं।

(इस खबर को न्यूज्ड टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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