अयोध्या फैसला : किसने क्या कहा

 नई दिल्ली, 9 नवंबर (आईएएनएस)| अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। फैसला विवादित जमीन पर रामलला के हक में सुनाया गया।

 फैसले में कहा गया कि राम मंदिर विवादित स्थल पर बनेगा और मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में पांच एकड़ जमीन अलग से दी जाएगी। इस महत्वपूर्ण फैसले पर प्रमुख लोगों की प्रतिक्रियाएं यहां पेश हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें।


गृह मंत्री अमित शाह : मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूं कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द्र से परिपूर्ण ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के अपने संकल्प के प्रति कटिबद्ध रहें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और बल प्रदान करेगा।

संघ प्रमुख मोहन भागवत : इस फैसले को जय और पराजय की ²ष्टि से नहीं देखना चाहिए। सभी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब हम सभी मिलकर राम मंदिर बनाएंगे। उन्होंने पूरे देश से भाईचारा बनाए रखने की अपील की।

बाबा रामदेव : मंदिर निर्माण में मुस्लिमों को और मस्जिद बनाने में हिंदुओं को सहयोग देना चाहिए।


श्रीश्री रविशंकर : इससे हिंदू तथा मुस्लिम समुदायों के सदस्यों को खुशी तथा राहत मिली है।

यूपी सुन्नी वक्फबोर्ड के चेयरमैन जफर फारूकी : अदालत द्वारा अयोध्या में दी जा रही पांच एकड़ जमीन लेने न लेने पर फैसला बाद में लेंगे। शिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज होना ही था। सत्तर साल तक शिया वक्फबोर्ड खामोश क्यों रहा।

बाबरी मस्जिद के मुख्य पक्षकार इकबाल अंसारी : सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है, मैं उससे खुश हूं। मैं कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं।

नितिन गडकरी : यह हमारे समाजिक सौहाद्र्र के लिए फायदेमंद होगा। इस मुद्दे पर अब आगे कोई विवाद नहीं होना चाहिए, लोगों से मेरी यही अपील है।

अरविंद केजरीवाल : वर्षो पुराना विवाद आज खत्म हुआ। मेरी सभी लोगों से अपील है कि शांति एवं सौहार्द्र बनाए रखें।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) के.के. मुहम्मद : मैं आज अपने आप को दोषमुक्त महसूस कर रहा हूं (उन्होंने कहा था कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद से पहले राम मंदिर मौजूद था)। मुझे लोगों के एक समूह ने काफी भला-बुरा भी कहा। यह ठीक उसी तरह का निर्णय है जैसा हम सभी चाहते थे।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कमाल फारुकी : इसके बदले हमें 100 एकड़ जमीन भी दे दें तो कोई फायदा नहीं है। हमारी 67 एकड़ जमीन पहले से ही एक्वायर की हुई है तो हमको दान में क्या दे रहे हैं? हमारी 67 एकड़ जमीन लेने के बाद पांच एकड़ दे रहे हैं। यह कहां का इंसाफ है?

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