बिहार: क्वारंटीन सेंटर में 10 लोगों के बराबर खाना अकेले खा रहा युवक, रोटी बनाने में रसोइयों के हाथ-पांव फूले

कोरोना संक्रमण (Coronavirus) का चेन तोड़ने के लिए संदिग्ध और संक्रमित लोगों को क्वारंटीन सेंटर में रखा जा रहा है। अलग-अलग सरकारों द्वारा चलाए जा रहे इन सेंटरों में उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। इसी बीच बिहार (Bihar) के बक्सर (Buxar) जिले का एक क्वारंटीन (Quarantine) सेंटर इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। दरअसल यहां रह रहा एक युवक एक बार में 10 लोगों का खाना खा जाता है। उसकी खुराक देख हर कोई हैरान है। युवक की इस हरक़त से क्वारंटीन सेंटर के संचालक की पेशानी पर बल पड़ गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक बार में 40 रोटियां और 10 प्लेट चावल खा लेने वाले इस युवक का नाम युवक अनूप ओझा है। 23 साल का यह युवक इलाके के खरहा टांड़ पंचायत का रहने वाला है। फिलहाल वह मंझवारी के राजकीय बुनियादी मध्य विद्यालय में बने क्वारंटीन सेंटर में रह रहा है। बताया जाता है कि यह युवक सिर्फ नाश्ते में ही 40 रोटियां खा जाता है। जबकि दोपहर में 10 या इससे ज्यादा प्लेट चावल हजम कर जाता है। क्वारंटीन सेंटर में खाद्य सामग्री की खपत ज्यादा होने पर अधिकारियों को इसकी सूचना मिली तो वे खुद युवक की खुराक देखने सेंटर पहुंचे। उसका डोज़ देखकर सबके होश उड़ गए।


रोटी बनाने में रसोइया के हाथ-पाँव फूले

सिमरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अजय कुमार सिंह ने बताया कि अनूप नाश्ते में 40 रोटियां खा लेता है। उसकी खुराक देखकर रसोइये ने रोटी बनाने से मना कर दिया है। इसलिए अनूप के लिए अब दोनों समय चावल ही बनाया जा रहा है। हालांकि, युवक की खुराक में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जा रही है।

10 दिन पहले लाया गया था सेंटर

बीडीओ ने बताया कि अनूप को करीब 10 दिन पहले इस क्वारंटीन सेंटर में लाया गया था। वह काम की तलाश में राजस्थान गया था। लॉकडाउन के दौरान वह अपने घर बिहार वापस लौट आया। एहतियात के तौर पर उसे 14 दिन के लिए यहां के क्वारंटीन सेंटर में रखा गया। गुरुवार को उसका क्वारंटाइन टाइम पूरा हो जाने पर उसे घर भेज दिया जाएगा।

83 लिट्टी खाकर सबको चौंकाया

क्वारंटीन सेंटर में रह रहे अन्य लोगों के अनुसार अनूप की खुराक काफी ज्यादा है। एक बार सेंटर में लिट्टी बनाई गई थी तो उसने अकेले ही 83 लिट्टी चट कर डाले। उसकी वजह से कई दूसरे लोगों के लिए लिट्टी घट गई थी।


शर्त लगाने पर 100 समोसे कर जाता है हजम

अनूप जिस केंद्र में है, वहां 87 प्रवासी रह रहे हैं। लेकिन अनूप की खुराक ज्यादा होने के चलते खाना 100 से अधिक लोगों का बनता है। अनूप के गांव के लोगों की भी कहना है कि वो शुरू से ही अधिक खाता है। शर्त लगाने पर वो एक बार में करीब सौ समोसे खा जाता है।


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