जन्मदिन विशेष: क्रिकेट की पहचान सचिन, जानें क्यों कहा जाता है इन्हें क्रिकेट का भगवान

जन्मदिन विशेष: क्रिकेट की पहचान सचिन, जानें क्यों कहा जाता है इन्हें क्रिकेट का भगवान

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान माना जाता है। विश्व में भारतीय क्रिकेट को सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाने का काफी श्रेय सचिन तेंदुलकर को जाता है। अपने महान खेल से भारत रत्न अपने नाम करने वाले सचिन पहले खिलाड़ी हैं।

सचिन आज अपना 46वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 24 अप्रैल 1973 को मुंबई में हुआ। उन्होंने केवल पांच वर्ष की आयु में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। वह अपनी उम्र से कई अधिक उम्र वाले बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते थे और अपने प्रदर्शन से सबको आश्चर्यचकित कर देते थे। उनके खेल को देख कर उनके बड़े भाई अजित तेंदुलकर उन्हें 11 वर्ष की उम्र में रमाकांत आचरेकन के पास ले कर गए। तभी सचिन ने ठान लिया था कि उन्हें क्रिकेटर ही बनना है।


उनके गुरु रमाकांत आचरेकन को सचिन के बल्ला पकड़ने का तरीका पसंद नहीं था। लेकिन उनकी बहुत कोशिशों के बाद भी सचिन ने अपना तरीका नहीं बदला और आज भी वह ऐसे ही बल्ला पकड़ते हैं। केवल 15 वर्ष की आयु में सचिन का सेलेक्शन मुंबई क्रिकेट टीम में हुआ। 1988 में सचिन ने गुजरात के खिलाफ 100 रन की नाबाद पारी खेली। इसी साल दिलीप ट्रॉफी, ईरानी ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी में लगातार शतक लगा कर सचिन ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।

सचिन ने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच केवल 16 साल की उम्र में 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला। सचिन ने अपनी पहली सेंचुरी 1990 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाई। अपने बेहतर प्रदर्शन के कारण 1994 तक सचिन इंडियन टीम में ओपनर की जगह ले चुके थे। 2003 के वर्ल्ड कप में इंडियन टीम फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गई। लेकिन सचिन को ‘मैन ऑफ़ द टूर्नामनेट’ चुना गया। सचिन का वर्ल्ड कप का सपना 2011 में इंडिया के वर्ल्ड चैंपियन बनने के साथ पूरा हुआ। इसके साथ सचिन आईपीएल में भी अपनी छाप छोड़ते रहे।

सचिन के नाम कई रिकार्ड्स हैं जो साबित करते हैं कि क्यों सचिन को मास्टर ब्लास्टर कहा जाता है। आप भी देखिए उनके रिकार्ड्स की सूची-

  • सचिन के नाम सबसे लम्बे टेस्ट करियर का रिकॉर्ड है।
  • छक्के लगाकर सबसे ज़्यादा शतक बनाने का रिकॉर्ड।
  • वन डे में डबल सेंचुरी बनाने वाले पहले खिलाड़ी।
  • अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 100 सेंचुरी और 30,000 रन पूरे करने वाले एकमात्र खिलाड़ी।
  • सचिन ऐसे इकलौते भारतीय क्रिकटर हैं जिन्होंने वन डे कप्तानी के डेब्यू पर ही शतक जड़ा।
  • सबसे ज़्यादा लगातार वन डे और इंटरनेशनल मैच खेलने का रिकॉर्ड भी सचिन के नाम है।
  • सचिन ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक जमाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं। उन्होंने 1992 में महज़ 18 साल की उम्र में 148 रन बनाए।

ये उनके केवल कुछ रिकार्ड्स हैं। ऐसे कई रिकार्ड्स अपने नाम कर सचिन क्रिकेट के सबसे महान खिलाड़ी बने।


पुरस्कार

सचिन के शानदार क्रिकेट करियर को देखते हुए कई पुरस्कारों से सम्मनित किया गया। उन्हें 1997 में ‘विस्डन क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर’ चुना गया। इसी वर्ष उन्हें ‘राजीव गाँधी खेल रत्न’ भी दिया गया। उन्हें साल 1999 में पद्मश्री और 2008 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। साल 2014 में सचिन को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ दिया गया। यह सम्मान पाने वाले पहले खिलाड़ी हैं। साथ ही वह सबसे कम उम्र में भारत रत्न पाने वाले भारतीय हैं।

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