बीकेएस अयंगर: योग को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने वाले ‘गुरुजी’, 80 साल की महारानी को कराया था शीर्षासन

बीकेएस अयंगर: योग को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने वाले 'गुरुजी', 80 साल की महारानी को कराया था शीर्षासन

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत से पहले विदेशों में योग को लोकप्रिय बनाने का श्रेय बीकेएस अयंगर ( B.K.S.Iyengar) को जाता है। ‘अयंगर योग’ के इस जन्मदाता को दुनिया ‘गुरुजी’ (Guruji) के नाम से जानती है। अयंगर ने 60 के दशक में ही पश्चिमी देशों में योग को प्रसारित करने का काम किया था। उन्होंने अपने जादू से पूरी दुनिया को प्रभावित किया। बीकेएस अयंगर (BKS Iyengar) आज दुनिया में नहीं हैं, लेकिन पतंजलि के योग सूत्रों को परिभाषित करके दुनिया को ‘अयंगर योग’ का तोहफा दे गए। उनके योगासन आज भी दुनिया के लाखों लोगों की जिंदगियों को प्रभावित कर रहे हैं। बीकेएस अयंगर ( B.K.S.Iyengar) का निधन चार साल पहले 20 अगस्त के दिन हुआ था। आइये जानते हैं विश्वप्रसिद्ध योग गुरु बीकेएस अयंगर (BKS Iyengar) के बारे में…

– बेल्लूर कृष्णमाचार सुंदराराजा अयंगर (Bellur Krishnamachar Sundararaja Iyengar) का जन्‍म 14 दिसंबर, 1918 को वेल्लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था।


– बीकेएस अयंगर अपने माता-पिता की 11वीं संतान थे। एक इंटरव्यू में अयंगर ने स्वीकार किया था कि वह बचपन में बेहद कमजोर थे और अक्सर बीमार रहा करते थे।

– बचपन में वह टीबी, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का शिकार हुए। इन बीमारियों से बचने के लिए डॉक्टरों ने उन्हें योग करने की सलाह दी।

– अपने आप को फिट रखने के लिए अयंगर ( B.K.S.Iyengar) ने योग करना शुरू किया और इसे ताउम्र जारी रखा।


– 1937 में अयंगर ने पुणे के डेक्कन जिमखाना में बतौर योग गुरु लोगों को योग सिखाना शुरू किया।

– 9 जून 1943 को राममणि के साथ उनका विवाह हुआ। योगगुरु अयंगर ( BKS Iyengar) की पांच बेटियां और एक बेटा है। उनकी बड़ी बेटी गीता और बेटा प्रशांत पुणे के जाने-माने शिक्षक हैं।

– 1950 के दशक के आखिरी वर्षों में उन्होंने बेल्जियम की क्वीन एलिजाबेथ को 80 से अधिक की उम्र में शीर्षासन करना सिखाया। इस कामयाबी से महारानी इतनी खुश हुईं कि उन्होंने अयंगर को अपने हाथों से गढ़ी एक मूर्ति गिफ्ट की थी।

– बीकेएस अयंगर 90 साल की अवस्था में भी प्रति दिन 3 घंटे आसन और हर घंटे प्राणायाम करते थे।

– योग गुरु बीकेएस अयंगर को ‘अयंगर योग’ का जन्मदाता माना जाता है। वह 200 से ज्यादा क्लासिकल योगासन और 14 प्रकार के प्राणायाम कर लेते थे। उन्होंने विकलांगों के लिए विशेष योग मुद्रा तैयार की थी।

– टाइम मैगजीन ने 2004 में दुनिया के सबसे प्रभावशाली 100 लोगों की सूची में उनका नाम शामिल किया था।

– अयंगर को 1991 में पद्म श्री, 2002 में पद्म भूषण और 2014 में पद्म विभूषण से नवाजा गया था।

– उनके अनुयायी न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरे विश्व में मौजूद हैं। उन्होंने 78 देशों में जाकर वहां के लोगों को योग की शिक्षा दी।

– चीन समेत पूरे विश्व में उनके 30 हजार से ज्यादा शिष्य हैं।  दुनियाभर में 200 अयंगर योग संस्थान अभी भी चल रहे हैं और 20 हजार सर्टिफाइड योगा टीचर उन्हें अपना गुरु मानते हैं।

– बीकेएस आयंगर ( B.K.S.Iyengar) ने योग पर कई किताबें भी लिखी, जिसमें ‘लाइट ऑफ योग’, ‘लाइट ऑफ प्राणयाम’ प्रमुख हैं। इसके अलावा उन्होंने योग और दर्शनशास्त्र पर लाइट ऑन योगा, लाइट ऑन प्राणायाम और लाइट ऑन योगा सूत्र ऑफ पतंजलि जैसी किताबें भी लिखी।

– उनके शिष्यों में क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर, प्रो. देवधर, मार्टिन क्रो, अनिल कुंबले, श्रीनाथ, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, लाला अमरनाथ, दिलीप वेंगसरकर, जे कृष्णमूर्ति, जय प्रकाश नारायण, अच्युत पटवर्धन, आचार्य अत्रे, एल्डस हक्सले जैसे बड़े नाम शामिल थे।

– किडनी की लंबी बीमारी के बाद योग गुरु बीकेएस अयंगर ( BKS Iyengar) का 96 साल की उम्र में पुणे में निधन हो गया।


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