अमेरिकन स्टडी का नया दावा, ‘O’ ब्लड ग्रुप वाले लोगों को कोरोना से कम खतरा

Blood type plays role in corona infection o group less susceptible research shows

कोरोनावायरस ने पूरी दुनिया में भयंकर कहर बरपाया हुआ है। कोरोना से कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। ये वायरस हर उम्र लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। छोटे बच्चे से लेकर पूरी तरह से स्वस्थ व्यक्ति तक, हर किसी को संक्रमण होने का खतरा है।

इस बीच यूएस बेस्ड बायोटेक्नोलॉजी कंपनी 23andMe ने हाल ही में किए गए एक रिसर्च से पता लगाया है कि जिन लोगों का ब्लड ग्रुप-O हैं, उन लोगों के कोरोना से संक्रमित होने की संभावना कम हो जाती है।


हालांकि इस पर अभी रिसर्च की जा रही है। दरअसल 23andMe एक बायोटेक फर्म है जो आनुवंशिक विश्लेषण और परीक्षण से संबंधित है। फर्म ने कोरोना संक्रमण के साथ जीन के संबंध पर रिसर्च करनी शुरू की थी।

इस रिसर्च में 7.5 लाख से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया। मई के अंत तक इस रिसर्च में अतिरिक्त 10,000 लोगों को और शामिल किया गया। ये वो लोग थे जिनमें कोरोना के गंभीर लक्षण दिख रहे थे।

वैज्ञानिकों ने इन 7.5 लाख लोगों के ब्लड सैंपल और जीन डिजाइन का टेस्ट किया। इसे तीन ग्रुप में बांट दिया गया। एक- जिन्होंने संक्रमण की खुद जानकारी दी, दूसरे- अस्पताल में भर्ती होने वाले लोग, तीसरे- ज्ञात जोखिम के बाद संक्रमित होने वाले व्यक्ति।


एक रिपोर्ट के मुताबिक, रिसर्च के शुरूआती परिणाम से मालूम हुआ कि O ब्लड ग्रुप वाले लोगों को कोरोना का संक्रमण होने का खतरा काफी कम है। दूसरे ब्लड ग्रुप वाले की तुलना में O ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों में कोरोना संक्रमण 9 से 18 फीसदी कम था।

रिसर्च में आयु, लिंग, बीएमआई, जातियता के आधार पर भी लोगों को रखने पर परिणाम समान रहे। रिसर्च में ये भी पाया गया कि O ब्लड ग्रुप वाले फ्रंट लाइन कार्यकर्ता, उन्हें अन्य ब्लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में 13-26 फीसदी संक्रमण होने की संभावना कम थी।

हालांकि ब्लड ग्रुप-एबी वाले लोगों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने की सबसे अधिक संभावना थी। इसके बाद ब्लड ग्रुप-बी और फिर ब्लड ग्रुप-ए के लोगों में सबसे अधिक संभावना देखी गई।

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