केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह का चढ़ा पारा, अधिकारियों को दी बेल्ट से पीटने और सूली पर चढ़ा देने की धमकी

केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह का चढ़ा पारा, अधिकारियों को दी बेल्ट से पीटने और सूली पर चढ़ा देने की धमकी

आदिवासी मामलों के मंत्रालय की केंद्रीय राज्य मंत्री और छत्तीसगढ़ के सरगुजा से बीजेपी सांसद रेणुका सिंह अपने आपत्तिजनक बयान को लेकर एक बार फिर विवादों में हैं। बलरामपुर जिले के एक क्वारंटीन सेंटर के बाहर उन्होंने अधिकारियों को बेल्ट से पीटने की धमकी दी है। साथ ही उन्हें मारने की धमकी दी है। अधिकारियों को धमकाते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह बलरामपुर जिले के बालक छात्रावास में बने क्वारंटीन सेंटर पहुंची थीं। यहां दिल्ली से लौटे एक युवक ने क्वारंटीन सेंटर की बदहाली का वीडियो डाला था। युवक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि क्वारंटीन सेंटर की बदहाली का वीडियो सामने आने के बाद सीईओ और तहसीलदार ने उसे मारा था। उस युवक की शिकायत पर ही रेणुका सिंह वहां जांच करने के लिए पहुंची थीं।


क्वारंटीन सेंटर के निरीक्षण के दौरान रेणुका सिंह ने अपने आपा खो दिया और अधिकरियों को डांटते हुए कहा कि भगवाधारी भाजपा के कार्यकर्ताओं को कमजोर मत समझना। जनपद में जो भेदभाव कर रहे हैं, उसे भूल जाइए, अंधेरी कोठरी में ले जाकर मैं बेल्ट खोलकर ठोकना जानती हूं। अधिकारियों को पीटने की धमकी देने के बाद वह सोशल मीडिया यूजर्स के साथ-साथ विपक्ष के निशाने पर भी आ गईं हैं, लोग उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं।

अधिकारियों को धमकाने के इस मामले पर रेणुका सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा, ‘दिलीप गुप्ता नाम के एक युवक ने बालक छात्रावास केंद्र की कमियों पर वीडियो बनाया था, जिसके बाद ब्लॉक स्तर के दो अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट की। मैं दिलीप को न्याय दिलाकर रहूंगी। मदद की बजाय लोगों को धमकाया जा रहा है। हम ये बर्दाश्त नहीं करेंगे।’

जानकारी के मुताबिक, बीते 15 मई को दिल्ली से लौटे बलरामपुर निवासी दिलीप गुप्ता नाम के युवक को भी क्वारंटाइन किया गया था। युवक ने वहां की अव्यवस्था का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इसकी सूचना मिलते ही 16 मई की रात करीब 11 बजे तहसीलदार शबाब खान व जनपद सीईओ विनय गुप्ता क्वारंटाइन सेंटर में पहुंचे। आरोप है कि, तहसीलदार शबाब खान व जनपद सीईओ विनय गुप्ता ने दिलीप गुप्ता की पिटाई कर दी।

इसके बाद युवक को बलरामपुर क्वारंटाइन सेंटर से निकालकर ग्राम डौरा के क्वारंटाइन सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद 17 मई को युवक के पिता ने इसकी शिकायत बलरामपुर थाने में की लेकिन शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद दिलीप के पिता ने 20 मई को मामले की शिकायत कमिश्रर व आईजी से की थी। जिसके बाद संबंधित अधिकारी पर एक्शन की बात कही गई है।


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