उत्तर प्रदेश: पीड़िता के पिता का आरोप- SIT ने लीक किए चिन्मयानंद के खिलाफ सबूत

उत्तर प्रदेश: पीड़िता के पिता का आरोप- SIT ने लीक किए चिन्मयानंद के खिलाफ सबूत

शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) की भूमिका पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली कानून की छात्रा के पिता ने आरोप लगाया है कि एसआईटी ने उनकी बेटी द्वारा दिए गए वीडियो रिकॉर्डिग में से फुटेज लीक कर दिया है।

एसआईटी कर्मियों ने कानून की छात्रा को पूर्व केंद्रीय मंत्री के खिलाफ जो भी सबूत हैं वह जमा करने के लिए कहा था, जिसके बाद उसने अपने आरोपों के समर्थन में शनिवार को एसआईटी को एक पेनड्राइव दिया था, जिसमें 43 वीडियो थे।


उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “यह साजिश है और मैं सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की जांच का आग्रह करूंगा।”

उन्होंने कहा, “स्क्रीनशॉट्स और वीडियो सोशल मीडिया पर कैसे आए? स्क्रीनशॉट्स तो कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट किए जा चुके हैं। ये मेरी बेटी ने एसआईटी को दिए थे। यह एक साजिश है।”

कोर्ट पहुंची पीड़िता, गिरफ्तार हो सकते हैं स्वामी

आपको बता दें कि चिन्मयानंद द्वारा छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में गठित यूपी पुलिस की एसआईटी सोमवार को पीड़िता को लेकर स्थानीय अदालत पहुंची है। कयास लगाये जा रहे हैं कि कुछ देर बाद अदालत में पीड़िता के बयान दर्ज करवाए जा सकते हैं। एसआईटी से जुड़े एक सूत्र ने नाम गोपनीय रखने शर्त पर आईएएनएस को बताया, “अब तक मामले से जुड़े बाकी तमाम गवाहों, शिकायतकर्ता का बयान एसआईटी दर्ज कर चुकी है। सबसे महत्वपूर्ण पीड़िता का बयान बचा था, जिसमें उसने चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था।”


पीड़िता का सीआरपीसी की धारा 164 के तहत यह महत्वपूर्ण बयान अदालत में ही दर्ज हो सकता है। एसआईटी टीम के पीड़िता को लेकर अदालत पहुंचने पर इन्हीं चर्चाओं को दम मिला है कि अदालत में एसआईटी कुछ देर बाद हर हाल में यह बयान दर्ज कराने की कोशिश करेगी।

एसआईटी के सूत्र इस बात से भी इंकार नहीं कर रहे हैं कि अगर आज अदालत में छात्रा के धारा 164 के तहत बयान दर्ज हो गए, जिनमें उसने स्वामी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है, तो अदालत एसआईटी को इस मामले में दुष्कर्म की धारा जोड़ने का भी निर्देश दे सकती है।

दुष्कर्म की धारा जोड़ने के तुरंत बाद ही एसआईटी के लिए आरोपी स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तार करना मजबूरी भी होगा और जिम्मेदारी भी। अभी तक पीड़िता के बयान दर्ज न हो पाने के कारण ही लाख शोर-शराबे के बाद भी एसआईटी ने स्वामी को गिरफ्तार नहीं किया था।

स्वामी ओमजी ने किया चिन्मयानंद का समर्थन

रियेलिटी शो बिग बॉस में अपनी विवादित उपस्थिति के कारण चर्चा में आए एक स्वघोषित संत स्वामी ओमजी ने चिन्मयानंद का समर्थन किया है। उन्होंने चेतावनी दी, “अगर चिन्मयानंद के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया, तो देशभर में करोड़ों हिंदू सड़कों पर उतर आएंगे और विद्रोह शुरू कर देंगे।”

उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म का कोई मामला दर्ज नहीं कर सकती, और अगर उसने ऐसा किया तो उसे मामला वापस लेना होगा।” ओमजी ने दावा किया कि छात्रा ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, तथा नेताओं- राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा गांधी से मुलाकात की थी।

(इनपुट: आईएएनएस)


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