VIDEO: दादा साहेब फाल्के ने कैसे बनाई भारत की पहली फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’?

VIDEO: दादा साहेब फाल्के ने कैसे बनाई भारत की पहली फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र'?

दादा साहब फाल्के को भारतीय सिनेमा के पितामह के रूप में जाना जाता है। उन्होंने ही भारत में सिनेमा की नींव रखी। उनका मूल नाम धुंदिराज गोविंद फाल्के था। भारतीय सिनेमा में अहम योगदान के लिए आज भी हम उन्हें याद करते हैं। 16 फरवरी 1944 को 73 साल की उम्र में दादा साहब फाल्के का निधन हुआ था।

फाल्के का जन्म 30 अप्रैल 1870 को त्रयंबक महाराष्ट्र में हुआ था।बचपन से ही उनका रुझान कला की ओर था। दादा साहब ने 1885 में मुंबई के सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट में एडमिशन लिया। यहां से पढ़ाई पूरी करने के बाद वो बड़ौदा के कला भवन में पहुंचे, जहां उन्होंने मूर्तिशिल्प, इंजीनियरिंग, पेंटिंग और फोटोग्राफी सीखी। फाल्के ने अपना करियर बतौर फोटोग्राफर शुरू किया। कहते हैं उन्होंने मशहूर चित्रकार राजा रवि वर्मा के साथ भी काम किया।


दादा साहब की जिंदगी में अहम मोड़ तब आया जब उन्होंने साल 1910 में ‘लाइफ ऑफ क्राइस्ट’ देखी। फिल्म देखने के बाद दादा साहब के मन में विचार आया कि उन्हें इसी दिशा में कार्य करना चाहिए। दादा साहेब फाल्के ने ही देश में सिनेमा की शुरुआत की और साल 1913 में उन्होंने राजा हरिश्चंद्र नाम की एक फुल लेंथ फीचर फिल्म बनाई।  दादा साहेब फाल्के को फिल्में बनाने का आईडिया कहाँ से आया? देश की पहली फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ बनाने के लिए उन्हें क्या-क्या पापड़ बेलने पड़े? आज दादा साहब की पुण्यतिथि पर जानिए इसकी कहानी…


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