दिल्ली सरकार का देशभक्ति करिकुलम, सरकारी स्कूलों में पढ़ाया जाएगा संविधान का पाठ

दिल्ली सरकार का देशभक्ति करिकुलम, सरकारी स्कूलों में पढ़ाया जाएगा संविधान का पाठ

बेहतर क्लासरूम, टीचर्स को विदेशों से ट्रेनिंग और हैप्पीनेस क्लासेस जैसे नये प्रयोगों के बाद अब एक कदम और आगे बढ़ते हुए दिल्ली सरकार कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के बच्चो के लिए “[email protected]” अभियान शुरू करने जा रही है। आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसकी शुरुआत की। यह अभियान 26 नवंबर तक सभी स्कूलों में चलाया जाएगा।

इसके तहत दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले तक़रीबन 10 लाख बच्चों को संविधान के बारे में पढ़ने, जानने और समझने का मौका मिलेगा। कार्यक्रम में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि NCERT की किताबों के पहले पन्ने पर संविधान की प्रस्तावना छापने का मकसद यही था कि बच्चे गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी जो भी सीखें, उसके जरिये उस समाज का निर्माण करें जिसकी कल्पना संविधान में की गयी है। लेकिन, सिलेबस पूरा करने और परीक्षा में पास करने की आपाधापी में किताबों में छपी संविधान की प्रस्तावना और उसका निहितार्थ पीछे रह गया। हम चाहते हैं कि [email protected] के माध्यम से हम उस कमी को दूर करें।


उन्होंने कहा कि दिल्ली के 10 लाख बच्चे संविधान से अपना नाता जोड़ पाएंगे। इसके साथ जीना शुरू कर पाएंगे, इसे समझना शुरू कर पाएंगे और संविधान के दायरे में खुद को सुरक्षित महसूस कर पाएंगे।

वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले साढ़े 4 साल के अंदर दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में जो हुआ है वो किसी क्रांति से कम नहीं है। पूरे देश और दुनिया में दिल्ली की शिक्षा क्रांति की चर्चा हो रही है, उसका सारा श्रेय सभी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को जाता है। केजरीवाल ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि गांधी जी का मानना था कि स्कूलों में शिक्षा प्रदान करने के 3 मकसद होने चाहिए। पहला वो अच्छा इंसान बना सके, वो व्यक्ति को रोजी-रोटी कमाने लायक बना सके और उसे कट्टर देशभक्त बना सके। मुझे खुशी है कि पिछले एक साल से आप सब लोगों ने मिलकर इस दिशा में काम करना शुरू किया है।

आगे उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का हैप्पीनेस करिकुलम से पहला मकसद पूरा हो रहा है। वहीं, इंटरप्रेनरशिप करिकुलम से दूसरा लक्ष्य पूरा होगा। इसके बाद [email protected] से गांधी जी का बताया तीसरा मकसद भी पूरा होगा।


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