दिल्ली : भाजपा सांसद हंसराज हंस के दफ्तर पर दिन-दहाड़े गोलीबारी, हमलावर कैमरे में कैद

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नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)| भारतीय जनता पार्टी के सांसद और मशहूर पंजाबी गायक हंसराज हंस के रोहिणी स्थित कार्यालय पर दिन-दहाड़े गोलीबारी कर दी गई। गोलीकांड में कोई जख्मी नहीं हुआ। घटना सोमवार शाम पांच से छह बजे के बीच की बताई जा रही है।

रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त शंखधर मिश्रा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “तीन राउंड गोली चलाई गई है। गोलियां सांसद के दफ्तर को भी निशाना बनाकर चलाई गई है। दो गोलियां हवा में भी चलाई गईं। घटना पांच से छह बजे शाम के वक्त की है।”


डीसीपी रोहिणी एस.डी. मिश्रा ने आईएएनएस से आगे कहा, “गोलीकांड की इस घटना के वक्त भाजपा सांसद का कार्यालय बंद था। गोलीकांड की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस को पता चल चुका है कि गोलियां किसने चलाई हैं।”

आईएएनएस के सूत्रों के मुताबिक, “आरोपी की उम्र करीब 50 साल है। गोलियां चलाने वाला शख्स ऐसा लग रहा था, जैसे उसने शराब पीकर इस वारदात को अंजाम दिया हो।”

आईएएनएस के पास मौजूद जानकारी की पुष्टि रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त मिश्रा ने भी की है। डीसीपी के मुताबिक, “गोलीबारी मामले में रोहिणी नॉर्थ थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।”


आईएएनएस के सूत्रों के मुताबिक, “गोलियां चलाने वाला शख्स कार में सवार होकर मौके पर पहुंचा था। उसने केसरिया रंग का कुरता भी पहने हुए था।”

दिल्ली पुलिस ने हमले में किसी के हताहत होने की बात से इनकार किया है। उल्लेखनीय है कि सांसद हंसराज हंस ग्रामीण इलाके की जनता से मिलने के लिए इस ऑफिस में रोज बैठा करते थे। इस कार्यालय की स्थापना चुनावों के दौरान ही की गई थी।

सांसद हंसराज हंस ने भी सोमवार शाम आईएएनएस से हुई बातचीत में गोली चलाए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, “यह इत्तिफाक ही रहा कि घटना से कुछ देर पहले ही मैंने कार्यालय में मौजूद स्टाफ को 14, पंत मार्ग पर स्थित पार्टी कार्यालय में बुला लिया था। इस कारण अनहोनी टल गई। अगर मौके पर हम लोग होते तो घटना बड़ी हो सकती थी।”

उधर दिल्ली पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि सोमवार को संसद सदस्य कार्यालय में नहीं थे और कार्यालय बंद था, तब इतनी बड़ी घटना अचानक क्यों और कैसे घट गई।

रोहिणी के सेक्टर-7 में मेट्रो पिलर नंबर 3 के पास स्थित भाजपा सांसद के जिस कार्यालय पर गोलियां बरसाई गईं, वहां दिन के वक्त बेतहाशा भीड़ रहती है। गनीमत यह रही कि सिरफिरे ने लोगों के बजाय बंद कार्यालय को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं और भाग गया।

 

(इस खबर को न्यूज्ड टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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