आरा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, बिहार: वर्तमान सांसद, उम्मीदवार, मतदान तिथि और चुनाव परिणाम

आरा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, बिहार: वर्तमान सांसद, उम्मीदवार, मतदान तिथि और चुनाव परिणाम

बिहार का आरा लोकसभा सीट एकबार फिर से नया सांसद चुनने को तैयार है। 2014 के मोदी लहर में भाजपा के राज कुमार सिंह ने राजद के भगवान सिंह कुशवाहा को लगभग 1 लाख 35 हजार वोटों से हराया और पहली बार इस सीट पर कमल खिलाने में कामयाबी हासिल की। एक बार फिर भाजपा ने राज कुमार सिंह को टिकट दिया है और वो मैदान में हैं। इस बार उनका मुकाबला भाकपा-माले के राजू यादव से होगा।

महागठबंधन में यह सीट राजद के हिस्से में आई थी, मगर राजद ने यह  सीट भाकपा-माले के लिए छोड़ दी। जिसके कारण इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। वैसे बता दें बिहार में वाम-दल महागठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ रहे हैं।


आरा लोकसभा सीट पर सातवें चरण में 19 मई को वोट डाले जाने हैं।

आरा लोकसभा सीट का इतिहास

आरा अति प्राचीन शहर है। पहले यहां मयूरध्वज नामक राजा का शासन था। महाभारत कालीन अवशेष यहां बिखरे पड़े हैं। ये ‘आरण्य क्षेत्र’ के नाम से भी जाना जाता था। 1857 में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख योद्धा बाबू कुंवर सिंह की कर्मस्थली इसकी पहचान है। यह क्षेत्र गंगा के दक्षिण ऊंचे स्थान पर स्थित है, जिसे अरार कहा जाता है। इसलिए इसका नाम ‘आरा’ पड़ा। यह गंगा और सोन की उपजाऊ घाटी में स्थित है। आरा भोजपुर का जिला मुख्यालय भी है।


1952 के पहले आम चुनाव से लेकर 1971 तक पांच चुनावों में यहां कांग्रेस का कब्जा रहा और बलिराम भगत ही लगातार सांसद चुने जाते रहे। यह सीट पांचवीं लोकसभा चुनाव(1977) तक शाहाबाद संसदीय क्षेत्र के नाम से जाना जाता था। साल 1977 के दौरान आरा को अलग संसदीय क्षेत्र के रूप में मान्यता मिली और तब आरा अस्तित्व में आया।

1977 के आम चुनाव में यहां भारतीय लोकदल ने जीत दर्ज की तो वहीं 1980 में ये सीट जनता पार्टी सेक्यूलर के नाम रही। 1984 के चुनाव में यहां कांग्रेस के बलि राम भगत ने जीत का परचम लहराया तो वहीं 1989 में यहां इंडियन पीपुल फ्रंट(IPF) के नेता रामेश्वर प्रसाद सांसद चुने गए। 1991 में ये सीट जनता दल ने जीती तो 1996 में भी उसका राज यहां पर रहा, जनता दल की जीत पर ब्रेक लगाया समता पार्टी के एच. पी सिंह ने, साल 1999 में यहां राजद की जीत हुई और राम प्रसाद सिंह यहां से सांसद बने, साल 2004 में भी यहां राजद का साम्राज्य रहा लेकिन साल 2009 के चुनाव में ये सीट JDU ने जीत ली और मीना सिंह यहां से सांसद बनी लेकिन साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर कमल खिला और राज कुमार सिंह सांसद बने।

आरा संसदीय सीट का समीकरण

इस संसदीय क्षेत्र में 7 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिसमें अगियांव, संदेश, शाहपुर, बड़हरा, तरारी, आरा और जगदीशपुर हैं। इसमें अगियांव विधानसभा क्षेत्र सुरक्षित है। 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में 5 सीटों पर राजद, 1 सीट पर जदयू और 1 सीट पर भाकपा माले के खाते में है।हालांकि पिछला विस चुनाव भाजपा जदयू से अलग होकर लड़ी थी और उसे किसी क्षेत्र में सफलता नहीं मिली थी।

2014 के आंकड़ों के मुताबिक यहां पर मतदाताओं की कुल संख्या 18,32,332 थी, जिसमें 10,10,040 पुरुष और 8,22,292 महिला मतदाता थे। वहीं इस बार होने वाले चुनाव में आरा में कुल मतदाताओं की संख्या 20,55,316 है जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 11,25,328 है जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 9,29,835 है।

2014 का लोकसभा चुनाव

आरा संसदीय क्षेत्र में 2014 के  चुनाव में मोदी लहर पर सवार होकर आरके सिंह ने पहली बार कमल खिलाने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में 3,91,074 वोट लाकर राजद के दिग्गज नेता भगवान सिंह कुशवाहा को हराया था। भगवान सिंह कुशवाहा 2,55,204 वोट लाकर दूसरे नंबर पर रहे थे। वहीं तीसरे नंबर पर भाकपा-माले के राजू यादव थे जिन्हें 98,805 वोट मिले थे। चौथे नंबर पर जदयू प्रत्याशी मीना सिंह थीं, जिन्हें कुल 75,962 वोट मिले थे।

निवर्तमान सांसद: राज कुमार सिंह

लोकसभा चुनाव 2014 के नतीजे

राज कुमार सिंह, भाजपा – 3,91,074
भगवान सिंंह कुशवाहा, राजद  – 2,55,204
राजू यादव, भाकपा-माले –  98,805
मीना सिंह, जदयू – 75,962

2019 लोकसभा चुनाव के लिए प्रमुख उम्मीदवार

  • राज कुमार यादव, भाजपा
  • राजू यादव, भाकपा-माले (गठबंधन)

सातवें चरण के चुनाव लिए महत्वपूर्ण तिथियां

अधिसूचना  जारी 22 अप्रैल
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 29 अप्रैल
नामांकन पत्र की जांच 30 अप्रैल
नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 2 मई
मतदान की तारीख 19 मई
मतगणना की तारीख 23 मई

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