गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट: केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा की राह आसान नहीं, गठबंधन से मिल रही कड़ी टक्कर

गौतमबुद्ध नगर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, उत्तर प्रदेश: वर्तमान सांसद, उम्मीदवार, मतदान तिथि और चुनाव परिणाम

लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए देश भर की अलग-अलग सीटों पर मतदान समाप्त हो गए हैं। उत्तर प्रदेश की 8 लोकसभा सीटों पर भी पहले चरण में 11 अप्रैल को वोट डाले गए। इन्हीं 8 सीटों में से एक गौतमबुद्ध नगर सीट पर भी उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला EVM में बंद हो गया।

उत्तर प्रदेश के प्रथम चरण के चुनाव के दौरान 63.69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। गौतमबुद्ध नगर संसदीय क्षेत्र में 60.15 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं 2014 में मतदान प्रतिशत 60.38 था।


देश की राजधानी दिल्ली से सटा उत्तर प्रदेश का गौतम बुद्ध नगर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र एक बार फिर से नया सांसद चुनने के लिए तैयार है। 2014 के लोकसभा चुनाव में गौतम बुद्ध नगर सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार महेश शर्मा ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। डॉ महेश शर्मा ने समाजवादी पार्टी के नरेंद्र भाटी को करीब पौने तीन लाख वोट से मात दी थी। इस बार भाजपा ने एक बार फिर केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा पर ही भरोसा जताया है। जबकि कांग्रेस के टिकट पर अरविंद कुमार सिंह और सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन की ओर से सतवीर चुनाव लड़ रहे हैं।

गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट 2008 में अस्तित्‍व में आई थी। वहीं गौतम बुद्ध नगर जिला 6 सितम्‍बर 1997 को अस्तित्‍व में आया। यह जिला गाजियाबाद और बुलंदशहर को अलग करके बना था। मान्‍यता है कि यहां स्थित बिसरख रावण के पिता विश्रवा ऋषि का जन्‍म‍स्‍थान था। वहीं दनकौर कौरव और पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य का आश्रम था।

गौतमबुद्ध नगर में पहले चरण के अंतर्गत 11 अप्रैल को मतदान हुए। यहां मतदान का प्रतिशत 60.15 फीसदी रहा।


उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में गौतम बुद्ध नगर का विस्तार हुआ, जिसके बाद से ही ये क्षेत्र हमेशा सुर्खियों में रहा है। इस सीट पर गुर्जर समाज के वोटरों की संख्या अधिक है, ऐसे में लोकसभा चुनाव में इस सीट पर सभी की नजरें हैं। 2015 में हुए दादरी कांड के दौरान इस क्षेत्र ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। गौतम बुद्ध नगर संसदीय सीट के अंतर्गत पांच विधानसभाएं आती हैं – नोएडा, दादरी, जेवर, सिकंदराबाद, खुर्जा। 2017 के दौरान उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में ये सभी पांच सीटें भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई थीं।

गौतमबुद्ध नगर सीट का इतिहास

2009 में यहां पहली बार लोकसभा चुनाव हुए, इनमें बहुजन समाज पार्टी ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। उस दौरान बसपा के सुरेंद्र सिंह ने महेश शर्मा को 2 लाख के अंतर से मात दी थी, जबकि 2014 के चुनाव में चली मोदी लहर का फायदा महेश शर्मा को इस सीट पर भी मिला। महेश शर्मा यहां से पौने तीन लाख से अधिक वोटों से जीत दर्ज कर आए।

2015 में इस क्षेत्र के दादरी में हुए मॉब लिंचिंग केस ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी। दादरी के मोहम्मद अखलाक के घर बीफ पाए जाने के शक में हत्या कर दी गई, ये मसला राजनीतिक तौर पर काफी गर्माया था। दादरी लिंचिंग मामले के बाद से ही देश में अवॉर्ड वापसी का सिलसिला शुरू हुआ था। इस दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ कई बुद्धिजीवियों ने आवाज बुलंद की थी।

गौतमबुद्ध नगर सीट का समीकरण

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बड़ी सीटों में शामिल गौतमबुद्ध नगर में 2014 में वोटरों की संख्या 19 लाख से अधिक थी। इनमें 11 लाख पुरुष, 8 लाख महिला वोटर थे। 2014 में यहां 60 फीसदी मतदान ही हुआ था। इनमें से 3837 वोट NOTA में गए थे। इस लोकसभा क्षेत्र में 80 फीसदी हिंदू जनसंख्या हैं, इनमें से 20 से अधिक प्रतिशत गुर्जर समाज से आते हैं, जबकि 14 फीसदी जनसंख्या मुस्लिम समुदाय से है।

निवर्तमान सांसद:  महेश शर्मा

2014 चुनाव में गौतमबुद्ध नगर सीट के नतीजे

डॉ महेश शर्मा, भारतीय जनता पार्टी – 599,702

नरेंद्र भाटी, समाजवादी पार्टी – 319,490

सतीश कुमार, बहुजन समाज पार्टी – 198,237

2019 लोकसभा चुनाव के लिए प्रमुख उम्मीदवार

  • महेश शर्मा, बीजेपी
  • सतबीर नागर, बसपा
  • अरविंद कुमार सिंह, कांग्रेस

पहले चरण के चुनाव लिए महत्वपूर्ण तिथियां

अधिसूचना  जारी 18 मार्च
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 25 मार्च
नामांकन पत्र की जांच 26 मार्च
नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 28 मार्च
मतदान की तारीख 11 अप्रैल
मतगणना की तारीख 23 मई

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