गोरखपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, उत्तर प्रदेश: वर्तमान सांसद, उम्मीदवार, मतदान तिथि और चुनाव परिणाम

गोरखपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, उत्तर प्रदेश: वर्तमान सांसद, उम्मीदवार, मतदान तिथि और चुनाव परिणाम

उत्तर प्रदेश का गोरखपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र एक बार फिर से नया सांसद चुनने को तैयार है। 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी की राजमति निषाद को भारी मतों से हराया था। 2017 में योगी के मुख्यमंत्री बन जाने के बाद साल 2018 में गोरखपुर सीट पर उपचुनाव हुए। इसमें सपा-बसपा गठबंधन के प्रवीण निषाद ने बीजेपी के उपेंद्र शुक्ला को हराया। इस बार प्रवीण निषाद ने पाला बदल लिया और बीजेपी में शामिल हो गए हैं। जिसके चलते गठबंधन ने राम भुआल निषाद को प्रत्याशी बनाया है। वहीं बीजेपी ने भोजपुरी और हिंदी सिनेमा के अभिनेता रवि किशन को मैदान में उतारा है।

गोरखपुर लोकसभा सीट पर सातवें चरण में 19 मई को वोट डाले गए। मतदान प्रतिशत 58.02% रहा।


उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल की राजनीति में गोरखपुर लोकसभा सीट की अहम भूमिका है। गोरखपुर विश्व प्रसिद्ध गीता प्रेस, गुरु गोरखनाथ मंदिर, गीता वाटिका, टेराकोटा शिल्प के लिए मशहूर तो है ही, साथ ही साहित्यिक रूप से भी काफी उर्वर रहा है। मसलन, मुंशी प्रेमचंद और फिराक गोरखपुरी की कर्मस्थली के तौर पर इसकी पहचान है।

गोरखपुर लोकसभा सीट का इतिहास

गोरखपुर लोकसभा सीट उत्तर प्रदेश की हाई प्रोफाइल सीटों में से एक है। ये इलाका बीजेपी का सबसे मजबूत दुर्ग माना जाता रहा है। पिछले ढाई-तीन दशक से इस सीट पर बीजेपी की बादशाहत रही है। लेकिन 2017 में उत्तर प्रदेश की सत्ता पर योगी आदित्यनाथ के काबिज होने के बाद हुए उपचुनाव में बसपा के समर्थन से सपा ने अप्रत्याशित जीत हासिल की थी।

गोरखपुर लोकसभा सीट के इतिहास पर अगर नजर डालें तो अभी तक 18 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। इनमें से पांच बार कांग्रेस को जीत मिली, जबकि सबसे ज्यादा सात बार बीजेपी जीतने में कामयाब रही थी। इसके अलावा दो बार निर्दलीय, एक बार हिंदू महासभा, एक बार भारतीय लोकदल और एक बार सपा को जीत मिली है।


1989 से महंत अवैद्यनाथ ने यहां से हिंदू महासभा उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की। इसके बाद 1991 में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया और 1991 और 1996 में जीत का परचम लहराया। 1998 में योगी आदित्यनाथ उनके राजनीतिक विरासत के तौर पर उतरे और इस सीट पर लगातार जीतते रहे तथा 2014 तक लगातार पांच बार यहां से सांसद चुने गए। लेकिन सीएम बनने के बाद 2017 में उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दे दिया लेकिन 2018 के उपचुनाव में बसपा के समर्थन से सपा से प्रवीण कुमार निषाद यहां सांसद बने।

गोरखपुर संसदीय सीट का समीकरण

गोरखपुर लोकसभा सीट के तहत सूबे की 5 विधानसभा सीटें आती हैं – कैम्पियरगंज, पिपराइच, गोरखपुर नगरीय, गोरखपुर ग्रामीण और सहजनवां। मौजूदा समय में इन सभी पांचों सीटों पर बीजेपी का कब्जा है। गोरखपुर संसदीय सीट पर 2011 की जनगणना के अनुसार 19.5 लाख मतदाता हैं। इस सीट पर सबसे ज्यादा निषाद समुदाय के वोटर हैं। गोरखपुर सीट पर करीब 3.5 लाख वोट निषाद जाति के लोगों का है। उसके बाद यादव और दलित मतदाताओं की संख्या है। दो लाख के करीब ब्राह्मण मतदाता हैं। इसके अलावा करीब 13 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं।

2014 और 2018 चुनाव के नतीजे

2014 के लोकसभा चुनाव में गोरखपुर सीट पर बीजेपी योगी आदित्यनाथ ने सपा की राजमति निषाद को 3,12,783 वोट से मात दी थी, लेकिन 2018 में हुए उपचुनाव में सपा के प्रवीण निषाद ने बीजेपी के उपेंद्र शुक्ला को कांटेदार मुकाबले में 21,881 मतों से हरा दिया। इस जीत के साथ ही सपा पहली बार गोरखपुर सीट से खाता खोलने में कामयाब रही।

पिछले साल हुए उपचुनाव में सपा के प्रवीण निषाद को 4,56,513 वोट मिले जबकि बीजेपी के उपेंद्र शुक्ला को 4,34,632 वोट मिले। वहीं कांग्रेस की डॉ. सुरहिता करीम को 18,858 वोट मिले।

निवर्तमान सांसद: प्रवीण निषाद

लोकसभा चुनाव 2014 के नतीजे

योगी आदित्यनाथ, बीजेपी – 5,39,127
राजमति निषाद, समाजवादी पार्टी – 2,26,344

2018 उपचुनाव के नतीजे

प्रवीण निषाद, समाजवादी पार्टी- 4,56,513
उपेंद्र शुक्ला, बीजेपी – 4,34,632

2019 लोकसभा चुनाव के लिए प्रमुख उम्मीदवार

  • रविंद्र श्याम नारायण शुक्ला उर्फ रवि किशन, बीजेपी/ NDA
  • राम भुआल निषाद, समाजवादी पार्टी/ महागठबंधन
  • मधुसूदन त्रिपाठी, कांग्रेस

सातवें चरण के चुनाव लिए महत्वपूर्ण तिथियां

अधिसूचना  जारी 22 अप्रैल
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 29 अप्रैल
नामांकन पत्र की जांच 30 अप्रैल
नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 2 मई
मतदान की तारीख 19 मई
मतगणना की तारीख 23 मई

लोकसभा चुनाव 2019: सातवें चरण में 19 मई को इन सीटों पर होगी वोटिंग, देखें राज्यवार सूची

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