कैराना लोकसभा सीट: पिछले 3 चुनावों से नई पार्टी और नया सांसद चुनने का चल रहा है ट्रेंड

कैराना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र, बिहार: वर्तमान सांसद, उम्मीदवार, मतदान तिथि और चुनाव परिणाम

लोकसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 11 अप्रैल को देश भर में चुनाव हुए। इसी के साथ उत्तर प्रदेश की 8 लोकसभा सीटों पर भी मतदान सम्पन्न हुए। कैराना भी इन्हीं 8 सीटों में से है जहां सांसद चुनने के लिए वोट डाले गए।

उत्तर प्रदेश के प्रथम चरण के चुनाव के दौरान 63.69 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। कैराना संसदीय क्षेत्र में 62.10 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं 2014 में मतदान प्रतिशत 73.05 था।


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लगभग 630 किलोमीटर दूर स्थित कैराना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र फिर से नया सांसद चुनने के लिए तैयार है। 2014 के लोकसभा चुनाव में विजयी रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद हुकुम सिंह के निधन के कारण हुए उपचुनाव में राष्ट्रीय लोकदल की तबस्सुम हसन ने जीत दर्ज की थी। सपा और बसपा के समर्थन से चुनावी मैदान में उतरी तबस्सुम हसन ने बीजेपी की मृगांका सिंह को मात दी थी। 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने मृगांका सिंह के बदले प्रदीप चौधरी को टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस ने हरेंदर मलिक को उम्मीदवार बनाया है।

सपा-बसपा और रालोद के गठबंधन में इस बार ये सीट सपा के खाते में आई है। कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ रही है। लिहाजा मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं। लेकिन इस सीट के पिछले तीन चुनावों का इतिहास बताता है कि यहां के मतदाताओं ने हर बार नई पार्टी और नया सांसद चुना है।

कैराना में पहले चरण के अंतर्गत 11 अप्रैल को मतदान हुए। यहां मतदान का प्रतिशत 62.10 फीसदी रहा।


मुस्लिम और जाट बाहुल्‍य इस निर्वाचन क्षेत्र में सियासी दलों का जातीय समीकरण बैठाने का गणित जनता अक्‍सर गलत साबित करती रही है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि इस सीट पर किसी भी दल का कभी भी दबदबा नहीं रहा है। पहले लोकसभा चुनाव से ही यहां की जनता हर बार परिवर्तन कर सत्ता में काबिज दल को बाहर कर देती है।

कैराना लोकसभा सीट पर मुख्यत: पूर्व सांसद हुकुम सिंह और हसन परिवार के बीच ही चुनावी मुकाबला होता रहा है। साल 2009 में हुए चुनाव में बसपा प्रत्याशी के तौर पर उतरीं तबस्सुम बेगम और बाबू हुकुम सिंह में सीधी टक्कर हुई। सपा से शाजान मसूद चुनाव लड़े। मुस्लिम मतों के बंटवारे के बावजूद बसपा के परंपरागत अनुसूचित जाति के मतों ने तबस्सुम हसन की नैया पार लगा दी।

साल 2014 के चुनाव में बाजी एकदम उलट गई। इन चुनावों में मुजफ्फरनगर दंगों का असर दिखा। गैर मुस्लिम मतों का भाजपा के पक्ष में ध्रुवीकरण हो गया, जबकि मुस्लिम मत सपा के नाहिद हसन और बसपा के कंवर हसन में बंट गए। नतीजा बीजेपी प्रत्याशी हुकुम सिंह 2.36 लाख मतों के भारी अंतर से जीत गए।

कैराना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं- नाकुर, गंगोह, कैराना, थाना भवन और शामली। कैराना में लगभग 17 लाख मतदाता हैं जिनमें मुस्लिम, जाट और दलित मतदाता उल्लेखनीय संख्या में हैं।

निवर्तमान सांसद: तबस्सुम हसन

लोकसभा उपचुनाव  2018

तबस्सुम हसन , रालोद –   4,81,182
मृगांका सिंह ,भाजपा –   4,36,564

लोकसभा चुनाव 2014

हुकुम सिंह ,भाजपा –   5,65,909
नाहिद हसन, सपा  –  3,29,081
कंवर हसन, बसपा   – 1,60,414
करतार भड़ाना, रालोद –  42,706

2019 लोकसभा चुनाव के लिए प्रमुख उम्मीदवार

  • प्रदीप चौधरी,भाजपा
  • तबस्सुम हसन, एसपी
  • हरेंद्र मलिक, कांग्रेस

पहले चरण के चुनाव लिए महत्वपूर्ण तिथियां

अधिसूचना  जारी 18 मार्च
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 25 मार्च
नामांकन पत्र की जांच 26 मार्च
नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 28 मार्च
मतदान की तारीख 11 अप्रैल
मतगणना की तारीख 23 मई

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लोकसभा चुनाव 2019: पहले चरण के लिए 11 अप्रैल को इन सीटों पर होगी वोटिंग, देखें राज्यवार सूची

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