तेलंगाना पुलिस के चेहरा पहचानने की तकनीक ‘दर्पण’ ने लापता लड़के को परिवार से मिलाया

तेलंगाना पुलिस के चेहरा पहचानने की तकनीक 'दर्पण' ने लापता लड़के को परिवार से मिलाया

तकनीक नें आजकल चीजों को बहुत आसान कर दिया है। मध्यप्रदेश के उज्जैन का एक गुमशुदा लड़का तेलंगाना पुलिस द्वारा विकसित चेहरा पहचानने वाले उपकरण की मदद से अपने परिवार से मिल पाया है। 14 साल का यह लड़का मानसिक रूप से दिव्यांग है और पिछले साल उज्जैन से लापता हो गया था।

उज्जैन से 8 महीने पहले हुआ था गुम

यह लड़का जून 2018 में अपने घर से चला गया था। उसे 25 दिसंबर को बेंगलुरू के सरकारी आश्रम में पाया गया। उसके माता पिता ने पिछले साल अगस्त में पुलिस में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करायी थी। तेलंगाना पुलिस के फेस रिकग्निशन टूल ‘दर्पण’ की सहायता से उसे परिवार के पास पहुंचाया गया है।


कैसे काम करता है दर्पण

चेहरा पहचानने वाला सॉफ्टवेयर ‘दर्पण’ देश भर में विभिन्न बचाव शिविरों में रह रहे बच्चों और व्यक्तियों का डाटा रखता है। यह सॉफ्टवेयर लापता लोगों की तस्वीरों को इन बचाव शिविरों में रहने वालों की तस्वीरों से मिलान करने की कोशिश करता है। तेलंगाना में ‘दर्पण’ की शुरुआत अगस्त 2018 में हुई थी।

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