Facebook का सर्वर डाउन होने से हुआ ये बड़ा खुलासा, जानें कैसे होती हैं आपकी फोटोज स्टोर

कल यानी बुधवार को फेसबुक की स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram, Whatsapp के साथ ही Facebook का सर्वर भी डाउन हो गया। इन ऐप्स पर फोटोज को पोस्ट और शेयर करने में यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। फेसबुक लगातार 9 घंटे तक डाउन रहा। ये परेशानी दुनिया भर में थी। आपको बता दें कि खबरों के अनुसार इस ग्लोबल आउटेज की वजह से एक बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया की माने तो फेसबुक हर यूजर्स की फोटो किस तरह से स्टोर करता है और क्या नाम दिए जाते हैं अब ये सब अब सामने आ चुका है। आपको बता दें कि फेसबुक यूजर्स की इस तरह की डीटेल्स कंपनी द्वारा तैयार किया गया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रखता है।

गौरतलब है कि अब इस समस्या को कंपनी ने ठीक कर लिया है, लेकिन इसकी वजह कंपनी ने नहीं बताई है। आम तौर पर कंपनी इस तरह की समस्या के बाद वजह नहीं बताती है।


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फेसबुक में आई इस समस्या के बाद लोगों को फोटो की जगह कुछ टेक्स्ट फॉर्म में दिखने लगा, जिसे बाद में समझा जा सका कि ये एक तरह का थंबनेल है। उदाहरण के तौर पर अगर आपके एल्बम में आपकी फोटो है और आप किसी पालतू जानवर के साथ हैं और वेकेशन पर हैं तो यहां टेक्स्ट फॉर्म में ये सब लिखा  मिलेगा। एल्बम की हर तस्वीर में इस तरह लिखा मिला – image may contain: 1 person smiling या image may contain: cat. अब आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि फेसबुक के पास आपका डेटा किस तरह से स्टोर किया जाता है। ये तो एक उदाहरण है जो शायद फेसबुक की एक गलती से आपको दिख गया। लेकिन इस तरह की कई जानकारियां फेसबुक स्टोर रखता है।

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आपको बता दें कि ये सिर्फ फेसबुक की ही कहानी नहीं है, बल्कि इंस्टाग्राम पर भी ऐसा ही है। यानी यहां की भी तस्वीरें इसी डीटेल्स के साथ स्टोर की जाती हैं। भले ही आपको अपनी फेसबुक फोटो की इतनी डीटेल्स न हो, लेकिन फेसबुक आपकी तस्वीरों की छोटी से छोटी डीटेल्स अपने पास रखता है। अब शायद आपको ये अंदाजा हो गया होगा कि डेटा लीक होने से एक आम यूजर की प्राइवेसी पर कितना असर पड़ता है।

अभी ये साफ नहीं है कि इस खास डेटा, यानी आपकी फोटोज की जानकारियों का यूज फेसबुक कैसे करता है। मुमकिन है फेसबुक अपने टार्गेटेड ऐड्स के लिए ये डेटा यूज करता होगा, क्योंकि फेसबुक की लंबी चौड़ी पॉलिसी में ये भी कहीं न कहीं जरूर लिखा होगा, जिसे एक आम यूजर बिना देखे ही YES का बटन दबा देता है, और फेसबुक ये साफ कहता है कि हम यूजर के कन्सेंट के बिना कुछ भी नहीं करते हैं। फेसबुक की भी बात सही है।

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