सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाने पर महिला बोली- हुजूर जिंदा हूं, अफसर बोले- कोर्ट का आर्डर दिखाओ

सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाने पर महिला बोली- हुजूर जिंदा हूं, अफसर बोले- कोर्ट का आर्डर दिखाओ

उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। कर्मचारियों ने 75 साल की एक बुजुर्ग महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया। हालाँकि, महिला और उसके परिजनों का दावा है कि वह जिंदा है। मामला संतकबीर नगर जिले के बेलहर विकास खंड का है।

जानें क्या है पूरा मामला

दरअसल, 75 वर्षीय सूका देवी को ब्लॉक की तरफ से 6 महीने पहले जारी किए गए परिवार रजिस्टर की नकल में मृत घोषित कर दिया गया। परिवार रजिस्टर की इस नकल पर उसके परिजनों ने आपत्ति जताई तो विकास विभाग की तरफ से गांव में बैठक करके ग्रामीणों के सामने महिला के जिंदा होने की पुष्टि करने की बात कही गयी।


लेकिन, सोमवार को जैसे ही बैठक शुरू हुई तो पंचायत अधिकारी ने कोर्ट में चल रहे मुकदमे में फैसला आए बिना परिवार रजिस्टर की नकल में सूका देवी को जीवित दिखाने से मना कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। बाद में मौके पर एसडीएम व सीओ भी पहुंचे लेकिन महिला के जीवित होने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका।

वहीं, महिला ने खुद को जिंदा बताते हुए कहा की साजिश के तहत मेरी भूमि को लोगों ने ग्राम समाज की भूमि के रूप में दर्ज करवा दिया। इसके लिए लड़ाई लड़ी गई लेकिन सफलता नहीं मिली। महिला की लड़ाई लड़ने में इनकी मदद इनकी बहन के परिजन कर रहे हैं, जबकि अपने सगे भतीजे विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि सूका देवी की मौत काफी पहले हो चुकी है। अब उनकी बहन रुमाली को ही सूका बताकर उनकी जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है।

इस मामले में एसडीएम प्रेम प्रकाश अंजोर का कहना है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिसके चलते अभी कुछ भी कह पाना सही नहीं होगा। अगर सूका देवी जिंदा हैं तो उनको कोर्ट में खुद को जीवित साबित करना होगा।


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