इमरान ने भारत को बातचीत के लिए फिर आमंत्रित किया

इस्लामाबाद, 27 फरवरी (आईएएनएस)| पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को भारत को फिर से वार्ता के लिए आमंत्रित किया और आग्रह किया कि दोनों पड़ोसियों को बढ़ते तनाव के बीच बेहतर समझ बनाए रखनी चाहिए। भारतीय वायुसेना और पाकिस्तानी वायुसेना के बीच हवाई भिड़ंत के बाद खान की यह टिप्पणी आई है। इस भिड़ंत में नई दिल्ली का कहना है कि उसने एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को मार गिराया, लेकिन उसका भी एक मिग-21 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जिसका पायलट कथित रूप से पाकिस्तानी हिरासत में है।

खान ने राष्ट्र को अपने संबोधन में कहा, “कल सुबह से जो हालात बनते जा रहे हैं, मैं चाहता था कि मैं आपको उस बारे में जानकारी दूं। पुलवामा घटना के बाद हमने भारत को जांच में सहयोग की पेशकश की थी। हम जानते हैं कि भारत में मौतें हुई हैं।”


उन्होंने कहा, “हमने भारत को पेशकश की, हम जांच करेंगे। हम सहयोग करना चाहते थे और हम ऐसा करने के लिए तैयार हैं। मुझे डर था कि भारत कार्रवाई करेगा और तभी मैंने भारत को किसी आक्रमकता के खिलाफ चेतावनी दी थी।”

खान ने कहा, “जब भारत ने कल (मंगलवार) सुबह (बालाकोट में जेईएम के प्रशिक्षण शिविर पर) कार्रवाई की, तब हमने हमारे सेना कमांड से बात की और नुकसान के आंकलन तक कार्रवाई का इंतजार किया।”

उन्होंने कहा, “हमारी कार्रवाई का एकमात्र मकसद यह संदेश देना था कि अगर आप हमारे देश में घुसते हैं तो हम भी ऐसा कर सकते हैं। उनके दो मिग मार गिराए गए हैं..यहां से यह जरूरी हो गया है कि हम अपने दिमाग और इच्छाशक्ति का इस्तेमाल करें।”


खान ने कहा, “सभी जंगों का गलत अनुमान लगाया गया था और कोई नहीं जानता कि यह कहां ले जाती हैं। प्रथम विश्व युद्ध के कुछ सप्ताह में समाप्त होने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन यह छह साल तक चला। इसी तरह आतंकवाद पर जंग 17 सालों तक चलेगी, किसी ने भी नहीं सोचा था।”

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं भारत से कहना चाहता हूं कि, जिस तरह के हथियार आपके पास हैं और जिस तरह के हथियार हमारे पास हैं, क्या हम एक-दूसरे के बारे में गलत आकलन को झेल सकते सकते हैं? अगर यह तनाव बढ़ता है तो यह न तो मेरे काबू में होगा और न ही (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी के नियंत्रण में।”

खान ने कहा, “पुलवामा में जिस दर्द से आप जूझ रहे हैं, हम उसे समझते हैं और हम जांच व संवाद के लिए तैयार हैं। चलिए साथ बैठकर और बातचीत से इसे सुलझाते हैं।”

 

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