जामिया हिंसा: CCTV फुटेज में दिल्ली पुलिस की बर्बरता को विपक्ष ने बताया शर्मनाक, प्रियंका बोली- गृह मंत्री ने झूठ बोला

दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया कैंपस में बीते साल 15 दिसंबर को हुए बर्बरता से हर कोई वाकिफ है। शनिवार-रविवार की दरमयानी रात जामिया में आंदोलन का संचालन कर रहे जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी किया जो देखते ही देखते वायरल हो गया। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्रों पर किस तरीके से दिल्ली पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया। वहीं विपक्षी दलों ने पुलिस की इस कार्यवाई को शर्मनाक बताते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की आलोचना की है।

जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी (JCC) द्वारा ट्विटर पर जारी 28 सेकेंड का यह वीडियो एक सीसीटीवी कैमरा की फुटेज का हिस्सा है, जो घटना के दिन यानि 15 दिसंबर, 2019 का है।



कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने झूठ बोला कि उन्होंने लाइब्रेरी में घुसकर किसी को नहीं पीटा गया। इस वीडियो को देखने के बाद जामिया में हुई हिंसा को लेकर अगर किसी पर एक्शन नहीं लिया जाता तो सरकर की नीयत पूरी तरह से देश के सामने आ जाएगी।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इसे भयानक बताते हुए ट्वीट किया- “जामिया छात्रों पर पुलिस द्वारा बिना किसी उकसावे के हमले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यह भयानक है। कानून तोड़ती इस पुलिस को ऐसी सजा मिले, जो उदाहरण बने।”

वहीं भाकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने ट्वीट किया- “यह अस्वीकार्य है। अमित शाह द्वारा विश्वविद्यालयों में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का हर बचाव झूठा, भ्रामक और राजनीति से प्रेरित है। मोदी और अमित शाह के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस लाइब्रेरी में पढ़ने वाले छात्रों के साथ इस तरह से पेश आती है। यह शर्मनाक है।”

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