जम्मू-कश्मीर: लेह में पत्रकारों को रिश्वत मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ जांच के आदेश

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जम्मू-कश्मीर: लेह में पत्रकारों को रिश्वत मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ जांच के आदेश

लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के पक्ष में रिपोर्ट करने के लिए जम्मू कश्मीर भाजपा नेताओं द्वारा लेह में पत्रकारों को लिफाफे में पैसे दिए जाने की शिकायतों का मामला शुरुआती जांच में सही पाया गया है। इस संबंध में लेह प्रेस क्लब ने भाजपा नेताओं के खिलाफ शिकायत की थी। अब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद लेह की चुनाव अधिकारी व उपायुक्त अवनी लवासा ने मामले में FIR दर्ज कराने के बात कही है।

डिप्टी इलेक्शन ऑफिसर अवनी लवासा ने मामले में जांच के आदेश दिए

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अवनी लवासा ने कहा, ‘मंगलवार को हम पुलिस के माध्यम से जिला अदालत पहुंचे। हमने कोर्ट से इस मामले में FIR दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की है। हालांकि अभी तक अदालत ने इस बारे में कोई आदेश जारी नहीं किया है।’ बता दें कि अवनी लवासा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दिए जाने पर असहमति जताने वाले चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की बेटी हैं। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक अवनी ने कहा, ‘इस मामले में अब तीन शिकायतें हैं। एक हमने खुद की है। बाकी दो लेह प्रेस क्लब और यहां के एसएचओ द्वारा की गई हैं।’ चुनाव अधिकारी ने बताया कि पुलिस इन सबको मिलाकर एक शिकायत तैयार कर रही है।


गौरतलब है कि लेह प्रेस क्लब ने जम्मू-कश्मीर में भाजपा के अध्यक्ष रविंदर रैना और विधान परिषद के सदस्य विक्रम रंधावा पर पत्रकारों को लिफाफों में रिश्वत देने का आरोप लगाया था। लेह में चुनाव 6 मई को सम्पन्न हुए हैं।

भाजपा नेता ने आरोपों को किया खारिज

उधर, रविंदर रैना ने इन आरोप को खारिज किया था। उनका कहना था कि पत्रकारों को जो लिफाफे दिए गए, उनमें रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की एक रैली में आने का निमंत्रण पत्र दिए गए थे। रैना ने यह भी कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से ये लिफाफे नहीं बांटे और धमकी दी कि वे शिकायत में उनका नाम लेने वाले पत्रकारों पर मानहानि का केस करेंगे।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो क्लिप

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो क्लिप में कुछ भाजपा नेताओं को चार से पांच मीडियाकर्मियों को लिफाफे देते देखा जा सकता है, जिसमें दो महिला पत्रकार भी हैं। एक महिला पत्रकार को लिफाफा खोलकर देखते और इसे वापस भाजपा नेता को लौटाते देखा जा सकता है जबकि भाजपा नेता उस लिफाफे को पत्रकार से लेने से मना कर देते हैं, महिला पत्रकार उस लिफाफे को मेज पर रख देती है।


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