JDU महासचिव पवन वर्मा ने CM नीतीश कुमार से की अपील- CAA-NRC और NPR को करें खारिज

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JDU महासचिव पवन वर्मा ने CM नीतीश कुमार से की अपील- CAA-NRC और NPR को करें खारिज

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के महासचिव पवन वर्मा ने पार्टी अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीएए-एनपीआर-एनआरसी योजना को स्पष्ट तौर पर खारिज करने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ‘भारत को बांटने और अनावश्यक रूप से समाज में अशांति पैदा करने का नापाक एजेंडा है।’ रविवार को नीतीश कुमार को लिखे एक खुले पत्र में वर्मा ने इस सन्दर्भ में बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सुशील मोदी की ‘एकतरफा घोषणा’ पर हैरानी जताई है।

अपने इस पत्र में पवन वर्मा ने कहा कि सुशील मोदी इस बात की घोषणा कैसे कर सकते हैं कि राज्य में 15 मई से 28 मई के बीच राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर का कार्य होगा, जबकि नीतीश कुमार राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से दिए गए आपके विचारों और लंबे समय से चले आ रहे धर्मनिरपेक्ष नजरिए को देखते हुए क्या मैं आपसे अनुरोध कर सकता हूं कि आप सीएए-एनपीआर-एनआरसी योजना के खिलाफ सैद्धांतिक रुख लें और भारत को बांटने व अनावश्यक सामाजिक अशांति पैदा करने के के नापाक एजेंडा को खारिज करें।



वर्मा ने पत्र में कहा, ‘इस संबंध में आपका स्पष्ट सार्वजनिक बयान भारत के विचार को संरक्षित करने एवं मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। मैं जानता हूं कि आप खुद प्रतिबद्ध हैं। थोड़े समय के राजनीतिक लाभ के लिए सिद्धांत की राजनीति को बलि नहीं चढ़ाया जा सकता।’

हिंदू-मुस्लिम को बांटने का सीधा प्रयास

वर्मा ने कहा कि सीएए-एनआरसी का संयुक्त रूप हिंदू-मुस्लिमों को बांटने और सामाजिक अस्थिरता पैदा करने का सीधा प्रयास है। जदयू नेता संसद में नागरिकता (संशोधन) विधेयक का समर्थन करने के पार्टी के फैसले के आलोचक रहे हैं जो अब दोनों सदनों से पारित होने के बाद कानून बन गया है। बता दें कि संसद में नीतीश कुमार की पार्टी जनता जल यूनाइटेड (JDU) ने इस बिल का समर्थन किया था, हालांकि JDU के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लगातार इसका विरोध करते आए हैं। वहीं नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में प्रदर्शन जारी हैं।


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