झापन मेला 2019: बंगाल का एक अनोखा त्योहार, जहां सांपो की पूजा के साथ दिखाये जाते हैं करतब

दुनिया भर में भारत की पहचान इसके खास त्योहारों और मेलों को लेकर रही है। आज हम एक ऐसे ही त्योहार का जिक्र कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में झापन मेला (Jhapan Mela) एक खास उत्सव है जिसमें सांपों की पूजा की जाती है। इस दिन खासतौर से भगवान शिव की बेटी मनसा की पूजा होती है, जिसे स्थानीय मान्यताओं के अनुसार सांपों का भगवान माना जाता है। वैसे तो बंगाल के ज्यादातर जगहों पर ये उत्सव मनाया जाता है लेकिन बांकुरा के विशनुपुर जिले में इसकी अलग ही रौनक देखने को मिलती है। यहां इस उत्सव का नज़ारा दीवाली और होली से कम नहीं होता।

इस मेले का अतीत भी काफी पुराना है। ऐसा माना जाता है कि इस मेले का आजन 17वीं शताब्दी में राजा बीर हम्बीर माला द्वारा एक युद्ध जीतने के बाद किया गया था और उसके बाद से ही यह परम्परा चली आ रही है।


मेले का खास आकर्षण होते हैं सांप

इस मेले के खास आकर्षण होते हैं सांप। जी हां, जिनके साथ अलग-अलग तरह के करतब दिखाए जाते हैं। जिन्हें देखकर जहां आश्चर्य होता है वहीं डर भी लगता है। लगभग 30-40 वैराइटी वाले सांपों के इस झुंड में सिर्फ जहरीले ही नहीं बहुत ही खूबसूरत रंग-बिरंगे सांप तक देखने को मिलते हैं। कोबरा से लेकर रैट, फ्लाइंग, पाइथन जैसे कई स्नैक झापन मेले में मिलेंगे लेकिन इनमें से किसी से भी खतरा नहीं होता।

ऐसे मनाया जाता है उत्सव

पूजा की शुरूआत सांप को नहलाने से होती है। इसके बाद एक लड़की मां मनसा का रूप धारण करती है और उसे रथ या मेले में इस्तेमाल की जाने वाली गाड़ी के ऊपर बिठाया जाता है। इसके बाद वो सांपों के साथ तरह-तरह के करतब करती हैं। मेले को देखने के लिए आस-पड़ोस की जगहों से बड़ी संख्या में लोग आते हैं।

मेले का आयोजन

झापन मेले को सावन महीने में मनाया जाता है। तो अगर आप इस मेले का हिस्सा बनना चाहते हैं तो अगस्त महीने के आखिर में यहां आने का प्लान कर सकते हैं


(आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर फ़ॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब भी कर सकते हैं.)