JNU : सामने आया रैगिंग का मामला, पीड़ित छात्र बोला- सीनियर ने मारा थप्पड़ और कराया सिट-अप्स

भारत में रैगिंग गैर-कानूनी है, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सख्त दिशा- निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद कॉलेजों में रैगिंग के मामले सामने आते रहे हैं। अब ताजा मामला जवाहरलाल नेहरू विश्व‍विद्यालय (JNU) से सामने आया है। जहां एक छात्र ने अपने सीनियर के खिलाफ रैगिंग का आरोप लगाया है।

जवाहरलाल नेहरू विश्व‍विद्यालय के एक छात्र ने अपने सीनियर के खिलाफ रैगिंग का आरोप लगाया है। छात्र के मुताबिक उसे सीनियर ने थप्पड़ मारा। वहीं जब सीनियर का इससे भी मन नहीं भरा तो छात्र के सीनियर ने उससे सिट-अप्स करने को भी कहा गया।


अमर उजाला की खबर के अनुसार जेएनयू में सेंटर ऑफ जर्मन स्टडीज के बीए प्रथम वर्ष का आरोप है कि एक पीएचडी स्कॉलर ने उसके साथ मारपीट की और कान पकड़वाकर उठक-बैठक भी लगवाई। बताया जा रहा है कि यह घटना 18 जुलाई की है।

गौरतलब है कि ये मामला तब सामने आया जब पीड़ित छात्र ने जेएनयू की एंटी रैगिंग कमेटी और वसंत कुंज उत्तर थाना पुलिस में शिकायत दी। हालांकि पुलिस ने आरोपी पीएचडी छात्र पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

यह रैगिंग यहीं नहीं रुकी आरोपी ने पीड़ित छात्र को उठक-बैठक भी लगवाई और कहा कि अगली बार मिलो तो नाक रगड़कर प्रणाम करना। बता दें कि 20 जुलाई को पीड़ित छात्र ने इस बारे में ट्वीट भी किया था, जिसमें उसने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल और नित्यानंद राय समेत जेएनयू के वीसी को भी टैग किया।


हालांकि छात्र ने इस मामले में जेएनयू प्रशासन और पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

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