कांग्रेस अध्यक्ष लल्लू माफी मांगें, वरना मुकदमा होगा : श्रीकांत

लखनऊ, 4 नवम्बर (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पर निशाना साधा, और कहा कि या तो वह अपने बयानों के लिए माफी मांगें, अन्यथा आपराधिक मानहानि का मुकदमा झेलने के लिए तैयार रहें। श्रीकांत ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा, “उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार ‘लल्लू’ द्वारा उनके ऊपर लगाए गए निजी आरोप मनगढ़ंत, तथ्यों से परे और शर्मनाक हैं। उन्हें अपने इन निंदा योग्य आरोपों पर अविलंब माफी मांगनी चाहिए, नहीं तो वह आपराधिक मानहानि का मुकदमा झेलने के लिए तैयार रहें।”

ऊर्जा मंत्री ने कहा, “लल्लू ने मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए निजी आरोप गढ़े और आरोपित किए हैं। उनके ये आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत, तथ्यों से परे हैं। वह राहुल गांधी की तरह बर्ताव कर रहे हैं, जिन्होंने भी कई नेताओं पर झूठे आरोप लगाए और आज अदालतों के चक्कर लगा रहे हैं। उनके इस कृत्य से उन्हें सूक्ष्म प्रसिद्धि तो जरूर मिल सकती है, लेकिन उनका यह आचरण सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के विपरीत है।”


उन्होंने कहा, “डीएचएफएल मामले में निवेश का रास्ता कांग्रेस परिवार के प्रिय मित्र अखिलेश यादव के समय ही खोला गया। इसकी पठकथा उनके कार्यकाल में ही लिखी गई। जैसे ही मामला संज्ञान में आया मैंने स्वयं मामले की सीबीआई जांच के लिए मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर जांच कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने अनुरोध स्वीकार किया और उनके द्वारा इसकी सिफारिश डीओपीटी को तत्काल की गई। वर्तमान में डीजी (ईओडब्ल्यू) इसकी जांच कर रहे हैं।”

शर्मा ने कहा कि “सरकार भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर गंभीर है और उसकी नीति ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेन्स की है। इसीलिए तत्काल मामले में एफआईआर और प्रथमदृष्ट्या दोषियों की गिरफ्तारी भी कराई गई।”

उन्होंने कहा, “कर्मचारियों के भविष्य निधि का निवेश कहां होगा, यह काम ट्रस्ट के अध्यक्ष और ट्रस्टियों का है। ऊर्जा मंत्री का इस प्रक्रिया से कोई सरोकार नहीं है। ऊर्जा विभाग के सभी सदस्य मेरे परिवार का हिस्सा हैं। सरकार ने पहले ही कहा है कि इस मामले में किसी का अहित नहीं होगा।”


ऊर्जा मंत्री ने कहा, “लल्लू अपने कृत्य पर सार्वजनिक तौर पर तत्काल माफी मांगें। केवल आरोप लगाकर भाग जाने की राजनीति नहीं चलेगी। वह ऐसा नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का नोटिस भेजकर शीघ्र ही कानूनी कार्यवाही शुरू कराई जाएगी।”

उल्लेखनीय है कि राज्य के बिजली कर्मियों के भविष्य निधि को विवादास्पद कंपनी डीएचएफएल में निवेश किए जाने के मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने प्रदेश के उर्जा मंत्री को तुरंत बर्खास्त करने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से रविवार को मांग की थी। उन्होंने कहा था कि दूसरों पर आरोप लगाकर अपने आरोप नहीं छिपाए जा सकते।

लल्लू ने कहा था, “21 महीने तक सरकार क्या कर रही थी? सपा के साथ क्या सांठगांठ थी? डीएचएफएल घोटाले में ऊर्जा मंत्री, चेयरमैन, एमडी पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। ऊर्जा मंत्री के घर और दफ्तर आने-जाने वालों का विजिटर रजिस्टर सील किया जाए।”

 

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