बिहार के हैं IAS अफसर मोहम्मद मोहसिन, PM मोदी के हेलिकॉप्टर की तलाशी लेने पर हुए हैं निलंबित

बिहार के हैं IAS अफसर मोहम्मद मोहसिन, PM मोदी के हेलिकॉप्टर की तलाशी लेने पर हुए हैं निलंबित

प्रधानमंत्री मोदी के ओडिशा दौरे के दौरान उनके हेलिकॉप्टर की तलाशी लेने वाले IAS अफसर मोहम्मद मोहसिन को निलंबित कर दिया गया है। चुनाव आयोग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मोहम्मद मोहसिन ने एसपीजी सुरक्षा से जुड़े निर्वाचन आयोग के निर्देश का पालन नहीं किया। आखिर कौन है मोहम्मद मोहसिन जो पीएम मोदी के हेलिकॉप्टर की तलाशी को लेकर चर्चा में हैं?

कौन हैं मोहम्मद मोहसिन


कर्नाटक कैडर के 1996 बैच के आइएएस अफसर मोहम्मद मोहसिन 2016 से पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। साल 1969 को जन्मे मोहम्मद मोहसिन पटना के Anglo Arabic Senior Secondary School के छात्र रहे हैं। उन्होंने मगध विश्विद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक और पटना विश्विद्यालय से एम कॉम की पढ़ाई की है।

साल 1994 में वह लोकसेवा की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली आए थे। पहली बार में वह लोकसेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में सफल नहीं हुए थे और उन्होंने दोबारा इसकी तैयारी की। इसके बाद वह परीक्षा में सफल तो हुए लेकिन कम नंबर की वजह से आईएएस नहीं बन पाए। उन्होंने फिर तैयारी की और 1996 में आईएएस अधिकारी बने। मोहसिन ने उर्दू के साथ अपनी पढ़ाई की थी।

उनकी एक सोशल मीडिया प्रोफाइल के अनुसार वह कर्नाटक सरकार के शिक्षा विभाग और अन्य विभागों में अधिकारी रह चुके हैं। कर्नाटक के कई प्रशासनिक पदों पर वह अपनी सेवाएं दे चुके हैं। शुरुआत में वह उपजिलाधिकारी के पद पर रहे और बाद में जिला पंचायत और ग्रामीण विभाग में उपायुक्त के पदों पर तैनात रहे।


मोहसिन का सोशल मीडिया अकाउंट देखने से पता चलता है कि वे सरकार की उन नीतियों के मुखर आलोचक रहे हैं जिन नीतियों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरता रहता है। मसलन रोजगार, रफाल सौदा, पुलवामा हमला जैसे मामलों पर मोहसिन अपनी राय सोशल मीडिया में जाहिर करते रहते हैं। उन्होंने पत्रकार गौरी लंकेश और वामपंथी विचारक एमएम कलबुर्गी की हत्याओं पर भी सवाल खड़े किये थे। मोहम्मद मोहसिन ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा था- सही काम करने या सही इंसान होने पर कभी मत पछताओ। सभी तारीफ नहीं करेंगे, लेकिन सही लोग करेंगे।

1996 बैच के IAS अफसर

मोहसिन 1996 बैच के कर्नाटक कैडर के IAS अधिकारी हैं, उन्हें जनरल ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त किया गया था। मंगलवार को जब PM मोदी रैली के लिए संबलपुर पहुंचे थे, उस समय उनकी टीम ने PM के हेलिकॉप्टर की तलाशी थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संबलपुर में प्रधानमंत्री के हेलिकॉप्टर की जांच करना निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत नहीं था। एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों को ऐसी जांच से छूट मिली होती है। तलाशी की वजह से PM को 15 मिनट तक रुकना पड़ा था।

वैसे मोहसिन ने सिर्फ PM मोदी के हेलिकॉप्टर की ही तलाशी नहीं ली, बल्कि उन्होंने ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भी हेलिकॉप्टर की तलाशी ली थी।

जिला कलेक्टर और पुलिस महानिदेशक की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने मोहम्मद मोहसिन को घटना के एक दिन बाद निलंबित कर दिया।


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