महाराष्ट्र: सरकार गठन पर संकट बरकरार, अब शरद पवार पर निगाहें

शरद पवार के एक ट्वीट ने NCP की केरल इकाई को बचा लिया

मुंबई | महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर मौजूदा राजनीतिक संकट के बीच अब सबकी निगाहें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अध्यक्ष शरद पवार पर हैं, जो स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया कि सहयोगी कांग्रेस के साथ लगातार बैठकें करने में व्यस्त पवार बुधवार दोपहर एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर कोई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री के पद पर कोई समझौता नहीं हो सकता लेकिन अन्य पदों पर समझौता किया जा सकता है।


हालांकि शिवसेना खेमा इसे अपने लिए दरवाजे बंद होना मान रहा है और वह अन्य विकल्पों के अंतिम रूप लेने की उम्मीद कर रहा है।

शिवसेना ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा को लोकसभा चुनाव से पहले का अपना वादा याद रखना चाहिए, जिसमें 30 महीने उनका मुख्यमंत्री होने की शर्त भी शामिल है, लेकिन भाजपा ने यह कहते हुए इसका जवाब दिया कि शिवसेना ने अभी तक इस संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं दिया है।

सेना के सांसद संजय राउत ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री के पद को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई थी जिसके बाद भाजपा से गठबंधन किया गया।


उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की कोशिश करना जनादेश का अपमान होगा और राज्य के लोगों के साथ अन्याय होगा।

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