International Tiger Day 2019: मध्य प्रदेश में बढ़ सकती है बाघों की संख्या

UP: बाघ के हमलों को रोकने के लिए पीलीभीत टाईगर रिजर्व सीमा पर रोंपे जाएंगे सुगंधित पौधे

भोपाल। मध्यप्रदेश में इस साल बाघों की संख्या में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में बाघों का आंकड़ा 400 के आसपास पहुंचा सकता है। दुनिया 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाने वाला है और इस मौके पर बाघों की संख्या का भी ब्यौरा जारी किया जाना संभावित है। बाघों की गणना का ब्यौरा हर चार साल में जारी किया जाता है। पिछली गणना वर्ष 2014 में हुई थी।

मध्यप्रदेश कभी ‘टाइगर स्टेट’ के तौर पर पहचाना जाता था। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ सालों में हुए बाघ संरक्षण के कार्यो के चलते यह आंकड़ा इस साल बढ़ सकता है। बाघों की संख्या में 30 से 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होती है। राज्य में भी ऐसा ही रहा तो बाघों की संख्या 400 के आसपास जाने का अनुमान है।


वनमंत्री उमंग सिंघार भी मानते हैं कि बाघों की वंशवृद्धि अच्छी रही है और शिकार की घटनाओं में भी कमी आई है, इसलिए बाघों की संख्या में बढ़ोतरी संभव है।

राज्य में बीते सात साल में 141 से ज्यादा बाघों की मौत हुई है। सबसे बुरा हाल वर्ष 2010 में रहा। उस समय राज्य में 257 टाइगर हुआ करते थे। उसके बाद राज्य में बाघ संरक्षण पर ध्यान दिया गया, जिसके चलते वर्ष 2014 में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिससे बाघों का आंकड़ा 308 तक पहुंच गया। इस बार बाघों की संख्या में पिछले कालखंड से ज्यादा बढ़ोतरी का अनुमान है।

वन्यप्राणी विशेषज्ञ भी मानते हैं कि मध्यप्रदेश में बाघ संरक्षण की दिशा में काफी काम हुआ है। अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यानों के विस्थापितों को बसाने की दिशा में सार्थक प्रयास किए गए हैं, साथ ही बाघ पुनस्र्थापन में भी राज्य की ओर से प्रयास किए गए।


(इस खबर को न्यूज्ड टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर फ़ॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब भी कर सकते हैं.)