म्यांमार : जेल में बंद रायटर्स के पत्रकार रिहा, रोहिंग्या मुस्लिमों को मारे जाने की रिपोर्टिग करने का था आरोप

म्यांमार : जेल में बंद रायटर्स के पत्रकार रिहा, रोहिंग्या मुस्लिमों को मारे जाने की रिपोर्टिग करने का था आरोप

म्यांमार | म्यांमार में जेल में बंद समाचार एजेंसी रायटर्स के दो पत्रकारों – वा लोन और क्याव सू ओ को राष्ट्रपति द्वारा माफी देने के बाद मंगलवार को रिहा कर दिया गया।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार के नववर्ष के आस-पास राष्ट्रपति कैदियों की सजा माफ करते हैं। इसी के तहत हजारों अन्य कैदियों के साथ ही दोनों पत्रकारों को भी रिहाई मिल गई।


रिहा होने पर कहा- पत्रकारिता से कभी पीछे नहीं हटेंगे

यांगून के बाहरी इलाके में बनी जेल से रिहा होने के बाद वा लोन ने बीबीसी से कहा कि वे पत्रकारिता करने से कभी पीछे नहीं हटेंगे।

7 साल की हुई थी सजा

लोन और सू ओ को ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया था और पिछले साल सितंबर में उन्हें सात साल जेल की सजा सुनाई गई थी।

रोहिंग्या मुस्लिमों की हत्या का किया था खुलासा

उन्हें यह सजा तब दी गई थी जब इन्होंने साल 2017 में सरकारी सुरक्षा बलों द्वारा एक सैन्य अभियान के दौरान 10 रोहिंग्या मुस्लिमों को मारे जाने की रिपोर्टिग की थी।


उन्हें जेल में डाले जाने की विश्व भर में निंदा की गई थी और इसे म्यांमार में प्रेस की आजादी पर हमला बताया गया था।

(इस खबर को न्यूज्ड टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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