निर्भया के दोषियों को एकसाथ फांसी दी जाए : हाईकोर्ट

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नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)| दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि निर्भया दुष्कर्म व हत्या मामले में चारों दोषियों को एकसाथ फांसी पर लटकाया जाए। इसके साथ ही अदालत ने दोषियों को कानूनी उपचार का लाभ उठाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने फैसले में कहा, “डेथ वारंट का पालन एकसाथ होना चाहिए। इसलिए, मुकेश को अन्य दोषियों से अलग नहीं किया जा सकता। इसलिए मैं दोषियों को उनके कानूनी उपचार के लिए एक सप्ताह का समय देता हूं।”

यह आदेश केंद्र सरकार द्वारा दायर एक याचिका पर दिया गया, जिसमें सत्र न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत मामले में दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट पर रोक लगा दी गई थी।


दरअसल, विजय, पवन और मुकेश, अक्षय की फांसी के लिए तारीख 22 जनवरी को सुबह 7 बजे तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 1 फरवरी को सुबह छह बजे कर दिया गया। हालांकि इसके बाद भी इस तिथि को टाल दिया गया, क्योंकि दोषी मुकेश ने दिल्ली की एक अदालत में याचिका दाखिल कर कहा कि अन्य दोषियों ने अभी तक कानूनी उपचार का लाभ नहीं उठाया है, इसलिए उन्हें अलग से फांसी नहीं दी जा सकती।

निचली अदालत के फैसले को केंद्र ने अगले दिन चुनौती दी।

मुकेश और विनय अपने कानूनी उपचार का इस्तेमाल कर चुके है। हालांकि अक्षय की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है। वहीं पवन ने क्यूरेटिव और दया याचिका का इस्तेमाल नहीं किया है, जोकि अंतिम रूप से उसका न्यायिक और संवैधानिक अधिकार है।


 

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