राहुल गांधी की जगह कांग्रेस की कमान संभालने को तैयार पूर्व मंत्री, पत्र लिखकर कही ये बात

राहुल गांधी की जगह कांग्रेस की कमान संभालने को तैयार पूर्व मंत्री, पत्र लिखकर कही ये बात

लोकसभा चुनाव 2019 में करारी शिकस्त झेलने के बाद राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ने पर अड़ गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मान-मनौव्वल में जुटे हैं। इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और हॉकी ओलंपियन असलम शेर खान ने कहा है कि वह अगले 2 साल के लिए कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने को तैयार हैं। उन्होंने इस बाबत राहुल गांधी को चिट्ठी भी लिखी है। हालांकि उनकी चिट्ठी को कांग्रेस नेता हल्के में ही ले रहे हैं।

असलम शेर खान ने अपनी चिट्ठी में लिखा, “राहुल गांधी एक फाइटर हैं, लेकिन फिलहाल उन्होंने पार्टी अध्यक्ष के पद से हटने का फैसला किया है और हर कांग्रेसी को इसका सम्मान करना चाहिए। राजनीतिक रिवायत बदलने की जरूरत है। यह सिर्फ मेरी बात नहीं है, लेकिन जो भी पार्टी को चलाना चाहता है, उसे मौका मिलना चाहिए।”


बता दें, खान पहले ऐसे नेता हैं, जो 25 मई को हुई कांग्रेस वर्किंग कमिटी (CWC) की बैठक में राहुल के इस्तीफे की पेशकश के बाद पार्टी का कार्यभार संभालने के लिए सामने आए हैं। वैसे सीडब्ल्यूसी ने सर्वसम्मति से राहुल की पेशकश को नकार दिया था। साथ ही, सीडब्ल्यूसी ने राहुल को यह अधिकार दिया था कि वह पार्टी में संगठनात्मक बदलाव कर सकते हैं। इसके अलावा कई कांग्रेसी नेताओं ने राहुल गांधी से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक असलम शेर खान ने राहुल गांधी को यह खत 27 मई को भेजा था। इसमें उन्होंने लिखा, ”मैं पार्टी को अपनी सेवाएं देना चाहता हूं और दो साल के लिए कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने को तैयार हूं।” उन्होंने कहा कि बतौर अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी और राजनेता के अनुभव के आधार पर उन्होंने यह पेशकश की है। गौरतलब है कि असलम शेर खान उस भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा थे, जिसने 1975 में मलेशिया के कुआलालंपुर में हॉकी विश्वकप जीता था।

खान ने लिखा, ”बतौर हॉकी खिलाड़ी, मैंने ऐसी स्थितियों में अपनी काबिलियत साबित की है। जब भारत 1975 के वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में 2-1 से पीछे था, तब मुझे मैच के अंतिम दौर में सब्सटिट्यूट के तौर पर उतारा गया और मैंने संकल्प और आत्म-विश्वास के बूते स्कोर कर मैच को बराबरी पर ला दिया। भारत यह मैच जीत गया और इसके बाद वर्ल्ड कप भी हमारे ही हिस्से आया।”


अब देखना यह है कि क्या कांग्रेस नेतृत्व असलम शेर खान के इस पत्र को गंभीरता से लेते हुए उन्हें पार्टी की कमान सौंपता है या नहीं।

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