पाकिस्तान में बौद्ध विश्वविद्यालय की स्थापना पर विचार

इस्लामाबाद, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)| पाकिस्तान सरकार खैबर पख्तूनखवा प्रांत के पेशावर या स्वात में बौद्ध विश्वविद्यालय की स्थापना पर विचार कर रही है। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, धार्मिक एवं अंतरधार्मिक सद्भाव मामलों के मंत्री पीर नूर उल हक कादरी ने थाईलैंड के प्रतिष्ठित बौद्ध भिक्षु अरयावांग्सो के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी।

कादरी ने कहा कि बौद्ध विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए पेशावर या स्वात के नाम पर विचार हो रहा है। उन्होंने बौद्ध भिक्षु को बताया कि पाकिस्तान में बौद्ध सप्ताह मनाया जाएगा। पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक बौद्ध स्थलों पर एक किताब प्रकाशित की जाएगी।


कादरी ने थाई प्रतिनिधिमंडल के इस सुझाव का स्वागत किया कि पाकिस्तान में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की इमरान सरकार अल्पसंख्यकों से जुड़े धर्मस्थलों से संबंधित पर्यटन को बढ़ावा देने का पूरा प्रयास कर रही है। इस सिलसिले में उन्होंने सिखों के पवित्र स्थल करतारपुर साहिब गुरुद्वारे तक जाने के लिए बनाए गए करतारपुर गलियारे का उल्लेख किया।

दो दिन पहले प्रधानमंत्री इमरान खान ने सिख धर्म के संस्थापक बाबा गुरु नानक देवजी के नाम पर लरकाना में विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी है।

बौद्ध भिक्षु अरयावांग्सो पंद्रह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान के पांच दिन के दौरे पर हैं। उन्होंने पाकिस्तान के विदेश सचिव सोहैल महमूद और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अलवी से भी मुलाकात की है। प्रतिनिधिमंडल ऐतिहासिक गंधार स्थलों का दौरा करेगा।


गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान के प्रांत खैबर पख्तूनख्वा की सरकार ने बताया था कि उसने प्रांत के ऐतिहासिक बौद्ध स्थलों तक पूरी दुनिया के बौद्ध भिक्षुओं और बौद्ध धर्म के मानने वालों को आकर्षित करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत एक बौद्ध सर्किट विकसित किया गया है जो प्रांत में बौद्ध धर्म से जुड़ी बीस ऐतिहासिक जगहों से होकर गुजरेगा।

 

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