पाकिस्तान रैबीजरोधी व विषरोधी टीकों के लिए भारत पर निर्भर

 इस्लामाबाद, 25 जुलाई (आईएएनएस)| पाकिस्तान कुत्ते के काटने के उपचार के लिए रैबीजरोधी और सांप के विष से निपटने वाली वैक्सीन के लिए काफी हद तक भारत से होने वाले आयात पर निर्भर है।

  इसकी वजह यह है कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (एनआईएच) के पास देश में इनके लिए पाई जाने वाली मांग के अनुरूप इन्हें बनाने की क्षमता नहीं है। ‘द नेशन’ की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। अखबार ने बताया कि उसे मिले दस्तावेजों के मुताबिक, बीते 16 महीने में पाकिस्तान ने भारत से 2.56 अरब पाकिस्तानी रुपये मूल्य की रैबीजरोधी और सांप विषरोधी वैक्सीन भारत से आयात की हैं।


रिपोर्ट में कहा गया है कि सीनेटर रहमान मलिक ने भारत से आयात होने वाली दवाओं की गुणवत्ता और रैबीजरोधी व सांप विषरोधी वैक्सीन बनाने के लिए सरकारी विभागों की क्षमता के बारे में सवाल पूछा था।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) मंत्रालय ने सीनेट की एनएचएस की स्थायी समिति को इसके जवाब में बताया था कि एनआईएच कुत्ते के काटने के उपचार के लिए रैबीजरोधी व सांप विषरोधी दवा बनाती है जबकि एक निजी कंपनी भी स्थानीय स्तर पर सांप विषरोधी दवा बनाती है।

जवाब में कहा गया कि दोनों उत्पादकों की इतनी क्षमता नहीं है कि वे देश में इन दवाओं की मांग के अनुरूप इन्हें बनाकर इनकी आपूर्ति कर सकें, इसलिए इन वैक्सीन का आयात किया जाता है।


रिपोर्ट में कहा गया है कि दस्तावेज के मुताबिक, भारत से बीते सोलह महीने में 2 अरब 56 करोड़ 12 लाख एवं 70 हजार रुपये की एंटी रैबीज व एंटी स्नेक वेनम वैक्सीन आयात की गईं।

(इस खबर को न्यूज्ड टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर फ़ॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब भी कर सकते हैं.)

You May Like