नागपुरी संगीत के साथ ‘कान’ में इस बार गूंजेगी झारखंड की कहानी

14 मई से शुरू होने जा रहे फ्रांस के कान फिल्म फेस्टिवल में इस बार झारखंड की भी उपस्थिति रहेगी। आपको बता दें कि, 11 दिनों तक चलनेवाले इस फिल्म महोत्सव में इस बार झारखंड के फिल्म निर्माता निर्देशक लाल विजय शाहदेव की दो फिल्मों का प्रदर्शन होगा। उनकी चर्चित हिन्दी फिल्म लोहरदगा और नागपुरी फिल्म फुलमनिया दिखाई जाएगी।

फिल्म फुलमनिया में झारखंड में प्रमुख रूप से व्याप्त डायन प्रथा को जोरदार तरीके से दिखाया गया है। इस फिल्म में बांझ औरत पर क्या गुजरती है, इसकी भी कहानी दिखेगी।


खबरों के अनुसार 15 मई को शाम 6 बजे लोहरदगा और 16 मई को 10 सुबह बजे फुलमनिया का प्रीमियर किया जाएगा। फिल्म निर्माता निर्देशक लाल विजय शाहदेव 13 मई को फ्रांस पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्ण रूप से झारखंड में निर्मित दोनों फिल्मों की स्क्रीनिंग एक साथ कांस में होना हम सब के लिए गौरव की बात है।

झारखंड के ज्वलंत मुद्दों को दोनों ही फिल्मों में मनोरंजक तरीके से दर्शाया गया है। निर्देशक लाल विजय शाहदेव ने कहा कि ये फिल्में बॉलीवुड इंडस्ट्री को एक नया रास्ता दिखायेगी कि कैसे सीमित साधन और बजट में बेहतरीन फिल्मों का निर्माण किया जा सकता है। दोनों ही फिल्मों में झारखंड के 100 से ज्यादा कलाकारों ने भूमिका निभायी है। साथ ही दोनों फिल्मों में नागपुरी लोक संगीत और नृत्य को पहली बार बॉलीवुड और हॉलीवुड में देखा और सुना जाएगा।

शॉर्ट फिल्म अनारा का भी चयन

गौरतलब है कि कान में ऋषि प्रकाश मिश्रा द्वारा लिखित व निर्देशित शॉर्ट फिल्म अनारा का चयन भी महोत्सव में प्रतिभागिता के लिए किया गया है। 14 मिनट की फिल्म की पूरी शूटिंग रांची में की गई है। मयूर पराशर और पंछी रानी की मुख्य भूमिका इस फिल्म में है।


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