संसद में नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ बताना प्रज्ञा ठाकुर को पड़ा महंगा, डिफेंस कमेटी से निकाली गईं

संसद में नाथूराम गोडसे को 'देशभक्त' बताना प्रज्ञा ठाकुर को पड़ा महंगा, डिफेंस कमेटी से निकाली गईं

लोकसभा में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताना बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भारी पड़ गया है। संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने साध्वी प्रज्ञा को रक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति से निकाल दिया है। बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा किपार्टी, लोकसभा सांसद प्रज्ञा ठाकुर की टिप्पणी की निंदा करती है और ऐसे बयानों का कभी समर्थन नहीं करती। नड्डा ने कहा, प्रज्ञा ठाकुर संसद सत्र के दौरान बीजेपी संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं ले सकेंगी।

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बता दें, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को प्रज्ञा ठाकुर ने अपनी एक टिप्पणी से विवाद खड़ा कर दिया। दरअसल,लोकसभा में एसपीजी (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान डीएमके सांसद ए राजा अदालत के समक्ष नाथूराम गोडसे द्वारा दिये गए उस बयान को उद्धृत कर रहे थे कि उसने महात्मा गांधी को क्यों मारा। इस दौरान प्रज्ञा ठाकुर ने गोडसे को देशभक्त बताया था। ठाकुर की टिप्पणी को लेकर विपक्षी सांसदों द्वारा विरोध जताए जाने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सिर्फ डीएमके नेता का बयान ही रिकॉर्ड में जाएगा। लोकसभा सचिवालय ने बाद में एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ठाकुर की टिप्पणी ‘दर्ज नहीं की गई है।’


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राजा ने कहा कि गोडसे ने स्वीकार किया था कि गांधी की हत्या का फैसला करने से पहले 32 सालों तक उसके मन में गांधी के प्रति द्वेष पनप रहा था। राजा ने कहा कि गोडसे ने गांधी को मारा क्योंकि वह एक खास विचारधारा में विश्वास रखता था। विपक्षी सदस्य जहां ठाकुर द्वारा टोकाटाकी के खिलाफ विरोध जता रहे थे वहीं भाजपा सदस्यों ने उनसे बैठ जाने का अनुरोध किया। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सिर्फ ए राजा का बयान रिकॉर्ड में रखा जाएगा। बाद में विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के गौरव गोगोई ने भी ठाकुर की टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए मांग की कि उन्हें इसके लिये माफी मांगनी चाहिए।

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गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान ठाकुर ने गोडसे को देशभक्त करार दिया था जिसकी वजह से बड़ा राजनीतिक बवाल मचा था। बाद में उन्होंने अपने बयान के लिये माफी मांग ली थी। पीएम मोदी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था, ‘गांधीजी या नाथूराम गोडसे के बारे में टिप्पणी बेहद खराब और समाज के लिये बेहद गलत थी….उन्होंने माफी मांग ली है लेकिन मैं उन्हें कभी भी मन से माफ नहीं कर पाउंगा।’



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