पुलिस वाले की मदद से लोगों को हनी ट्रैप में फंसा लाखों वसूलती थी शातिर महिला, ऐसे पकड़ी गयी

पुलिस वाले की मदद से लोगों को हनी ट्रैप में फंसा लाखों वसूलती थी शातिर महिला, ऐसे पकड़ी गयी

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में हनी ट्रैपिंग का एक मामला सामने आया है। जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक महिला समेत 3 आरोपियों को हिरासत में लिया है।बुधवार को ग्रेटर नॉएडा की इस सनसनीखेज़ घटना ने सबको चौंका कर रख दिया। इस मामले में पुलिस ने 35 वर्ष की एक महिला को हिरासत में लिया। महिला के अलावा इस मामले में उसके प्रेमी और दो अन्य लोगों को पकड़ा गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक महिला का प्रेमी अरूण कुमार बैंगलोर टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट से ग्रेजुएट है। बता दें कि महिला और उसके प्रेमी के अलावा इस मामले में पकड गए दो अन्य आरोपी अच्छी पोस्ट पर कार्यरत थे। इनमें से एक निवासी कल्याण संघ (RWA) का सचिव है और दूसरा यूपी पुलिस का एक हेड कांस्टेबल है।


मीडिया की खबर के अनुसार, महिला और उसके साथियों ने मिलकर अबतक तीन लोगों को ठगा और लाखों रुपए वसूले। इस गुनाह में शामिल सभी लोगों को उनके- उनके काम बांटे गए थे। इसमें RWA का सचिव संभावित लक्ष्य की तलाश करता था, जबकि कांस्टेबल पैसों का मोलभाव तय करता था। महिला का काम लोगों को फँसाना था और महिला का प्रेमी लोगों के साथ उसकी आपात्तिजनक अवस्था में वीडियो बनाता था।

रिपोर्ट में बताया गया है कि गुनाह को अंजाम देने के लिए सचिव संभावित लक्ष्य की तलाश करता था। फिर महिला उन लोगों से सोशल मीडिया पर दोस्ती करती थी। दोस्ती होने के बाद महिला उनको दादरी में अपने फ्लैट पर बुलाती थी। आरोपी महिला लोगों को यह कहकर घर पर बुलाती थी कि उसका पति दो दिन के लिए शहर से बाहर गया हुआ है।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विनीत जायसवाल ने बताया,’ आरोपी अरूण इसके बाद महिला का पति बनकर आता था और पुलिस को बुलाने का दिखावा करता था। इसके बाद वह पीएसी हेड कांस्टेबल विजय चीमा को बुलाता था। कांस्टेबल विजय चीमा सब-इंस्पेक्टर की ड्रेस में आता था और वह रेप के आरोप में पीड़ित पर केस दर्ज करने की बात करता था। केस दर्ज न करने के बदले वह पैसों की मांग करता था।’


पुलिस के मुताबिक चारों ने मिलकर अबतक 6.5 लाख रूपए लूटे थे । इन लोगों ने अब तक अपने जाल में बिजनेसमेन से लेकर किसानों को फंसाया और 1-1 लाख रूपए की वसूली की। पुलिस तक यह मामला तब पहुंचा जब उन्होंने दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के भाई को अपना निशाना बनाया। हालांकि अधिकारी के भाई ने भी उनको शुरूआत में 1 लाख रूपए दिए थे। इसके बाद अधिकारी के भाई ने गौतमबुद्ध नगर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की स्टार 2 की टीम ने चारों आरोपियों को बुधवार सुबह करीब 4 बजकर 15 मिनट पर दादरी के फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) वैभव कृष्णा ने मीडिया को बताया कि “फ्लैट में से 2.7 लाख रूपए नगद, कुछ आपत्तिजनक वीडियो और यूपी पुलिस के सब इंस्पेक्टर लेवल के अधिकारी का ड्रेस, पहचान पत्र और सेंट्रो कार बरामद किया।”

पुलिस के मुताबिक महिला ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वह तीन बच्चों की मां है और वह अपने पति से अलग होकर ग्रेटर नोएडा में अरूण के साथ रह रही है। पुलिस ने बताया इन सब की शुरुआत तब हुई जब महिला ग्रेटर नोएडा में नौकरी के लिए आरडब्लूए 36 के सचिव पुष्पेंद्र के पास गई और पुष्पेंद्र ने महिला को अपने एक दोस्त को फंसा कर पैसे ऐंठने की सलाह दी।

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