4 मई को है शनि अमावस्या, जानें क्यों खास है इस बार की शनि अमावस्या, कैसे करें शनि देव को प्रसन्न

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4 मई को है शनि अमावस्या, जानें क्यों खास है इस बार की शनि अमावस्या, कैसे करें शनि देव को प्रसन्न

इस महीने की 4 तारिख को शनि अमवस्या है। इस बार की यह एक शनिश्चरी अमावस्या है क्योंकि, यह शनिवार के दिन पड़ रही है। शास्त्रों में शनिश्चरी अमावस्या का बहुत महत्त्व होता है।

हिन्दू धर्मों की मान्यता के अनुसार शनि अमवस्या के दिन शनि की पूजा करने से शनि देव खुश हो जाते हैं। इस दिन सुबह जल्दी उठकर शनिदेव की पूजा की जाती है। उन्हें तिल और तेल चढ़ाया जाता है। ऐसा करने से साढ़े साती, ढैय्या और कालसर्प योग से भी छुटकारा मिलता है।


कहा जाता है कि, शनि देव को न्यायाधीश की उपाधि प्राप्त है। वह सभी को कर्मों उनके कर्मों का फल देते हैं। शनि के प्रकोप से बचना किसी के बस की बात नहीं है। शनि का प्रकोप हो तो बड़े से बड़े राजा बर्बाद हो जाते हैं। इसलिए सभी शनि देव के प्रकोप से बचने के लिए तरह- तरह के उपाय करते हैं ताकि शनि देव उन पर कृपा बनाये रखें।

शनि की जन्म कथा

शनि देव के जीवन की कथा स्कन्दपुराण में बताई गयी है। कथा के अनुसार सूर्य का विवाह राजा दक्ष की बेटी संज्ञा से हुआ था। सूर्य की पत्नी संज्ञा उनका तेज नहीं सह पाती थी। कोशिशों के बाद भी जब वह सूर्य का तेज नहीं सह पाती थी तो उन्होंने तेज सहने के लिए तपस्या की। इस तपस्या के दौरान उन्होंने अपनी छाया को अपना रूप देकर सारी जिम्मेदारियां सौंप दी। इसके बाद पत्नी संज्ञा की छाया और सूर्य को तीन संतानें हुई, जिनमें से एक संतान शनिदेव हैं।


कैसे करें शनि देव को प्रसन्न?

यदि आप अपने जीवन में परेशानियों का सामना कर रहे हैं तो हो सकता है आप पर शनि देव की कृपा दृष्टि नहीं है। शनि देव को खुश करने के लिए और सभी परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए, इस शनि अमावस्या के दिन अपने घर में शमी का पौधा लगाएं और पौधे के चारों ओर गमले में काला तिल डालें। ऐसा करते हुए ‘शमी शम्यते पापं’ मंत्र का जाप करें।

बताया जाता है कि, शमी का पेड़ परेशानियों और पापों से मुक्ति दिलाता है। पेड़ लगाते समय ‘ऊँ शं यो देवि रमिष्ट्य आपो भवन्तु पीतये, शं योरभि स्तवन्तु नः’ मंत्र का 11 बार जाप करने से शनि देव खुश होते हैं। ऐसा करने से आपको जल्द ही परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।

पूजा विधि

चैत्र अमावस्या को विक्रमी संवत् का आखिरी दिन माना जाता है। 17 मार्च 2018 को पड़ रही शनि अमावस्या के दिन शाम 6:13 मिनट से शाम 7:13 मिनट तक शुभ मुहूर्त है। इस दौरान शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनि अमवस्या के दिन घर की पश्चिम दिशा में काले कपड़े पर शनिदेव की मूर्ति की स्थापना करनी चाहिए और ‘शं शनैश्चराय कर्मकृते नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए शनि के प्रकोप से बचने के शनि यंत्र धारण करना चाहिए। साथ ही काले वस्त्र पर नारियल का तेल लगाकर, काला तिल, उड़द की दाल, घी जैसी वस्तुओं का दान करना चाहिए।

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