टोक्यो में इतिहास रचने के लिए बेताब सिमोन बाइल्स

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)| हर खिलाड़ी शीर्ष पर पहुंचना चाहता है। वहां पहुंचने के लिए वह मेहनत और संघर्ष करता है। और जैसे ही वह वहां पहुंच जाता है, वहां बने रहने के लिए उसकी जद्दोजहद शुरू हो जाती है। पांच बार की ऑल राउंड जिमनास्टिक चैम्पियन अमेरिका की सिमोन बाइल्स की कहानी इससे काफी हद तक मेल खाती है।

22 साल की सिमोन आज दुनिया की सबसे ‘डेकोरेटेड’ जिमनास्ट हैं। 2016 में रियो ओलंपिक में सिमोन ने मात्र 19 साल की उम्र में चार स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता था। उनके नाम विश्व चैम्पियनशिप में 19 स्वर्ण, तीन रजत और इतने ही कांस्य पदक दर्ज हैं। इसके अलावा वह पैसेफिक रिम चैम्पियनशिप में 2016 में दो स्वर्ण जीत चुकी हैं।


जाहिर तौर पर 14 मार्च, 1997 को अमेरिका के ओहियो में जन्मीं सिमोन को कम उम्र में काफी कुछ मिल गया। 2016 से लेकर आज तक सिमोन चरम पर हैं। हाल ही में स्टटगार्ट में आयोजित विश्व जिमनास्टिक चैम्पियनशिप में सिमोन ने पांच स्वर्ण पदक अपने नाम कर इतिहास रच दिया। वह 24 पदकों के साथ विश्व चैम्पियनशिप की अब तक की सबसे सफल जिमनास्ट बनीं।

बाइल्स ने रियो में टीम, ऑलराउंड, वॉल्ट, फ्लोर एक्सरसाइज में स्वर्ण जीते थे लेकिन बैलेंस बीम में उन्हें कांस्य मिला था। शुरू की चार स्पर्धाओं में उन्हें आज चुनौती देने वाला कोई नहीं लेकिन बैलेंस बीम में उनके सामने नई-नई चुनौतियां आती हैं। रियो में नीदरलैंड्स की सेन वेवर्स ने बाइल्स से बैलेंस बीम का स्वर्ण छीना था। अमेरिका की लॉरी हर्नादेज दूसरे स्थान पर रही थीं। स्टटगार्ट में सिमोन ने इस स्पर्धा का स्वर्ण जीता लेकिन चीन की लियू टिंगटिंग से उन्हें कड़ी चुनौती मिली। इस क्रम में चीन की ही ली शिजिया भी बाइल्स को चुनौती देती नजर आईं।

टोक्यो ओलंपिक में अब एक साल से कम वक्त बचा है। सिमोन ने स्टटगार्ट में पांच स्वर्ण जीतकर यह दिखा दिया कि उनकी तैयारियों में कोई कमी नहीं है और अभी उन्हें करीब आकर चुनौती देने वाला कोई नहीं लेकिन इसके बावजूद वह टोक्यो में पांच में से पांच स्वर्ण जीतने का अनोखा रिकार्ड बनाने की सम्भावना को लेकर आशंकित हैं। बाइल्स ने कहा कि वह टोक्यो के लिए खूब मेहनत करेंगी और पांच स्वर्ण अपने नाम करेंगी।


स्टटगार्ट में बाइल्स ने पांच स्वर्ण जीतकर यह भी जता दिया कि वह बीते साल के डरावने व्यक्तिगत अनुभव से भी आगे निकल चुकी हैं। सिमोन ने आरोप लगाया था कि अमेरिकी जिमनास्टिक टीम के डॉक्टर लैरी नासार ने उनका शारीरिक शोषण किया था। सिमोन ने अमेरिकी जिमनास्टिक संघ पर आरोप लगाया था कि उसकी नीतियों के कारण ऐसा हो सका और इसके बाद उसने इस घटना को दबाने की कोशिश की।

नासार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई। 24 जनवरी, 2018 को नासार को जज रोजमेरी एक्वेलिना ने 40 से 175 साल तक के लिए जेल की सजा सुनाई। साथ ही यह भी घोषणा हुई कि बाइल्स और शारीरिक शोषण की अन्य शिकार लड़कियों को ‘अर्थर ऐश करेज’ अवार्ड दिया जाए। 2018 के यूएस नेशनल चैम्पियनशिप में बाइल्स ने नासार द्वारा यौन उत्पीड़न का शिकार हुई युवतियों के सम्मान में एक विशेष पोशाक पहनी। इसे लेकर वह काफी चर्चा में रहीं।

बाइल्स दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित जिमनास्ट हैं और दुनिया भर में दर्जनों ब्रांड्स को इंडोर्स करती हैं। वह शक्तिशाली महिला हैं और शीर्ष पर विराजमान हैं। अगले साल जब वह टोक्यो जाएंगी तो उनकी उम्र 23 साल होगी और इस उम्र में खेल के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचना और वहां बने रहना उपलब्धि से कहीं अधिक चुनौती है। बाइल्स हालांकि इसे लेकर सहज नजर आ रही हैं।

बाइल्स ने ओलंपिक चैनल डॉट कॉम से कहा, “मैं खुद को हमेशा तैयार रखना चाहती हूं। यह देखने और सुनने में तो आसान लगता है लेकिन यह बेहद कठिन है। लोगों को लगता है कि मैं अंदर से काफी सख्त हूं लेकिन ऐसा नहीं है। मैं खुद को सामान्य लड़की मानती हूं। मेरे अंदर भी भावनाएं हैं।”

टोक्यो के लिए अपनी तैयारियों को लेकर बाइल्स ने कहा कि वह अपने अभ्यास के तरीकों में कोई बदलाव नहीं करेंगी और निरंतरता बनाए रखने का प्रयास करेंगी। बाइल्स ने कहा, “ट्रेनिंग पहले जैसी ही होगी। मैं निरंतरता पर ध्यान दूंगी। ओलंपिक कभी भी आसान नहीं होता। मुझे अपना श्रेष्ठ देना होगा क्योंकि लोगों को मुझसे काफी अपेक्षाएं हैं। हालांकि मैं शोहरत की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं देती। मैं अपना काम करूंगी और कोशिश करूंगी कि देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतकर वहां पहुंचने वाले सबसे बड़े नामों में शामिल हो सकूं।”

 

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