15 हजार की स्कूटी और 23 हजार का चालान: असमंजस में मालिक, जुर्माना भरें या स्कूटी खरीदें

15 हजार की स्कूटी और 23 हजार का चालान: असमंजस में मालिक, जुर्माना भरें या स्कूटी खरीदें

मोदी सरकार के नये मोटर वाहन अधिनियम 2019 ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। द‍िल्ली के रहने वाले और गुड़गांव कोर्ट में काम करने वाले एक शख्स पर ट्रैफिक कानून तोड़ने पर 23 हजार रुपये का जुर्माना ठोक द‍िया गया जबकि उसकी स्कूटी की कुल कीमत ही वर्तमान में 15 हजार रुपये है।

नवंबर 2015 की स्कूटी, 23 हजार रुपये का चालान

द‍िल्ली के द‍िनेश मदन सोमवार को क‍िसी काम के ल‍िए अपनी 2015 मॉडल की होंडा स्कूटी लेकर निकले तो ट्रैफिक पुल‍िस के हत्थे चढ़ गए। ब‍िना हेलमेट के न‍िकले द‍िनेश से जब गाड़ी का रज‍िस्ट्रेशन, लाइसेंस, एयर पॉल्यूशन एनओसी, हेलमेट और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बारे में पूछा था उनके पास उस समय कुछ नहीं था। गाड़ी 3 साल 10 महीने पुरानी है।


बस फिर क्या था। यातायात पुलिस ने कुल मिलाकर 23 हजार रुपये का चालान काट दिया। यह चालान मोटर व्हीकल एक्ट 1988 सेक्शन 213 (5)(e) की व‍िभ‍िन्न धाराओं के तहत क‍िया गया।

किस-किस चीज का चालान

  • ब‍िना हेलमेट- 1 हजार
  • ब‍िना इंश्योरेंस- 2 हजार
  • ब‍िना ड्राइव‍िंग लाइसेंस- 5 हजार
  • ब‍िना रज‍िस्ट्रेशन- 5 हजार
  • बिना एयर पॉल्यूशन एनओसी- 10 हजार

हालांकि दिनेश मदन ने कागजात उपलब्ध कराने की बात कही, मगर उनकी एक ना सुनी गई। जुर्माने की रकम नहीं होने पर उनकी गाड़ी ट्रैफिक पुल‍िस ने जब्त कर ली और मामला कोर्ट में पहुंचा द‍िया। इस पूरे प्रकरण के बाद वाहन मालिक दिनेश असमंजस में हैं। वो यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि 15 हजार रुपये की स्कूटी को छुड़ाने के ल‍िए 23 हजार रुपये भरें या फ‍िर नई गाड़ी ही खरीद लें।


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