बजट 2019-20 : आम से खास तक सब पर पड़ेगा सरकार की इन 6 घोषणाओं का असर

बजट 2019-20 : आम से खास तक सब पर पड़ेगा सरकार की इन 6 घोषणाओं का असर

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश किया। इस बजट में कई ऐसे ऐलान हुए हैं जिसका सीधा असर आम से खास लोगों तक पर पड़ने वाला है।

पेट्रोल-डीजल और सोना होगा महंगा

सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उपकर (सेस) और उत्पाद कर बढ़ाने की घोषणा की है। पेट्रोल और डीजल अब और महंगे हो जाएंगे। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार लोकसभा में आम बजट 2019-20 पेश करते हुए पेट्रोल और डीजल पर उपकर (सेस) के साथ-साथ उत्पाद कर में बढ़ोतरी की घोषणा की। वहीं सोना पर कस्टम ड्यूटी 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया गया है।


मिडिल क्लास को घर खरीदने के लिए राहत

मिडिल क्लास के लिए मोदी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। अब 45 लाख रुपये का घर खरीदने पर अतिरिक्त 1.5 लाख रुपये की छूट दी जाएगी। हाउसिंग लोन के ब्याज पर मिलने वाली कुल छूट अब 2 लाख से बढ़कर 3.5 लाख हो गई है।

महिलाओं को तोहफा

वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि जनधन खाताधारक महिलाओं को 5000 रुपये ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी जाएगी। इसका मतलब यह हुआ कि महिलाएं जीरो बैलेंस पर भी एक निश्चित अवधि के लिए 5 हजार रुपये लोन ले सकेंगी। इसके अलावा महिलाओं के लिए अलग से एक लाख रुपये के मुद्रा लोन की व्यवस्था की जाएगी।

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छोटे दुकानदारों को पेंशन

डेढ़ करोड़ से कम के सालाना कारोबार वाले देश के तीन करोड़ छोटे दुकानदार एवं कारोबारियों को पेंशन की सुविधा मिलेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि डेढ़ करोड़ रूपये से कम के सालाना कारोबार वाले 3 करोड़ खुदरा कारोबारियों और दुकानदारों को प्रधानमंत्री कर्मयोगी मानधन योजना के तहत पेंशन योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस योजना को अपनाने वाले कामगारों को 60 साल की आयु के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा दी जाएगी।

आयकरदाताओं के लिए पैन कार्ड जरूरी नहीं

देश के करोड़ों टैक्‍सपेयर्स को पैन कार्ड की अनिवार्यता से राहत मिली है। दरअसल, आम बजट में पैन और आधार में से किसी एक को इस्तेमाल में लाने का प्रस्ताव किया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए अब पैन अनिवार्य नहीं है। अब आप पैन की जगह आधार नंबर से ही काम चला सकते हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि अब 120 करोड़ से अधिक देशवासियों के पास आधार उपलब्ध हैं।

बैंक से कैश निकालना हुआ महंगा

अगर किसी बैंक खाते से एक वर्ष में 1 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि की नकद निकासी की जाएगी तो 2 फीसदी की स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) का प्रावधान किया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप 1 करोड़ रुपये से अधिक कैश निकालते हैं तो 2 फीसदी का टीडीएस देना होगा। डिजिटल भुगतान और कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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