UP : पेयजल संकट से जुझ रहे बांंदा में जल संरक्षण के लिए अधिकारियों का पैदल मार्च

बांदा | उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आने वाले बुंदेलखंड के बांदा जिले के आला अफसर जल संरक्षण के लिए आज शनिवार को करीब दस किलोमीटर तक पैदल मार्च किया। इस कार्यक्रम में गैर सरकारी संगठनों के सदस्य, बुद्धजीवी और आम आदमी के अलावा प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव संजय आर. भूसरेड्डी भी शामिल हुए हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक लाल भरत कुमार पाल ने बताया, “बुंदेलखंड के बांदा जिले में पेयजल संकट को देखते हुए प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए समस्त विभागों के अधिकारी और कर्मचरियों के अलावा गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ), बुद्धजीवी वर्ग और आम आदमी शनिवार को शहर के कटरा के छाबी तालाब से कैलाशपुरी, बलखंडीनाका, महेश्वरी देवी, दुर्गा बाजार, नगर कोतवाली, छोटी बाजार, खिन्नीनाका, मढ़ियानाका और निम्निपार से होते हुए प्रागी तालाब तक दस किलोमीटर पैदल मार्च करेंगे। इस पैदल मार्च में प्रदेश शासन के चीनी एवं गन्ना विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय आर. भूसरेड्डी भी शामिल रहेंगे।”


उल्लेखनीय है कि बांदा शहर सहित आसपास के करीब पचास गांवों में अप्रैल माह से भीषण पेयजल संकट छाया हुआ है। प्रशासन ने 45 किलोमीटर दूर तक केन नदी की जलधारा में पुलिस का पहरा लगा रखा है और जिलाधिकारी के निर्देश में अधिकारी-कर्मचारी ‘कुआं-तालाब जियाओ’ अभियान के तहत मृत हो चुके कुंओं और तालाबों की पूजा कर रहे हैं। एक न्यूज चैनल के पत्रकार अजय सिंह चौहान भी केन नदी को बचाने के लिए सोशल मीडिया में ‘मैं भी भगीरथ’ मुहिम छेड़े हुए हैं।

(इस खबर को न्यूज्ड टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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