उप्र : सदन समय से पहले स्थगित करने पर विपक्ष ने जताया विरोध

  • Follow Newsd Hindi On  

लखनऊ , 28 फरवरी (आईएएनएस)| उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गई। विपक्ष ने इसे लेकर विरोध दर्ज कराया। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने मुंह में मास्क पहन मौन विरोध दर्ज कराया। सपा के सभी विधायक सदन निर्धारित समय से पूर्व समाप्त करने पर सदन के अंदर ही नेता प्रतिपक्ष के साथ धरने पर बैठ गए। सदन की कार्यवाही चलाने की मांग करने लगे।

उनका कहना था कि जब सदन सात मार्च तक चलना था तो फिर अचानक स्थगित क्यों किया गया।


विपक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार की यह नीति बेहद निंदनीय है। विधानसभा का सत्र सात मार्च तक चलना था। सरकार के इस फैसले का बसपा तथा कांग्रेस ने विरोध किया और सदन से बाहर चले गए। समाजवादी पार्टी के विधायक और नेता विपक्ष मुंह पर मास्क लगाकर सदन में बैठे रहे और सरकार की कार्यवाही का विरोध किया।

सपा के विधायकों ने कहा कि हम सरकार से सदन चलाने की अपेक्षा करते हैं लेकिन फिर भी सरकार इस सदन को नहीं चलाना चाहती, जनता के सवालों और जनहित से जुड़े मुद्दों से बचना चाहती है। सरकार इसी कारण सात मार्च तक सदन चलाने की बात कहकर भी सदन नहीं चला रही।

विधानसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के बाद भी सदन में सपा तथा कांग्रेस के विधायक बैठे रहे।


इससे पहले कांग्रेस की आराधना मिश्र मोना ने प्रदेश में जातिवार जनगणना तथा पिछड़ा वर्ग जनगणना में शामिल करने का मामला शून्य प्रहर में उठाया। इसका बसपा के लालजी वर्मा और नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने समर्थन किया और कहा कि आगामी दिनों में पंचायत व स्थानीय निकाय के चुनाव होंगे जिसमें जातियों को आरक्षण के हिसाब से आरक्षण दिया जाएगा। इसलिए जातिवार गणना कराया जाना जरूरी है।

विधान सभा अध्यक्ष ह्दय नारायण दीक्षित ने सरकार की सहमति से चर्चा कराये जाने की बात कही। संसदीय कार्य मंत्री ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि यह मुद्दा केंद्र सरकार के अधीन आता है, इसका राज्य सरकार से कोई मतलब नहीं है। सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा, बसपा और कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वॉक आउट किया।

नेता प्रतिपक्ष ने पिछले वर्ष बाढ़ और वर्षा से किसानों की फसलों व मकानों को हुई क्षति तथा हाल ही में वर्षा और ओलावृष्टि से मटर, चना, गेहूं, चना, दलहन आदि के नुकसान के मुआवजे की मांग की।

कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा, “पिछले वर्ष बाढ़ और वर्षा से किसानों को हुई क्षति के बारे में मुआवजा दिया गया है। कुछ मुआवजा शेष है जिसकी राशि केंद्र सरकार से मिलने के साथ ही किसानों को दे दी जाएगी।”

उन्होंने कहा, “हाल ही में वर्षा व ओलावृष्टि से हुई किसानों की क्षति के लिए 14 फरवरी 2020 को धनराशि जिलों को दे दी गई है। यह राशि शीघ्र किसानों को प्रदान कर दी जाएगी।”

सरकार के जवाब से असन्तुष्ट सपा सदस्य विरोध का नया तरीका अख्तियार करते हुए वॉक आउट के बजाय अपने-अपने स्थान पर एक मिनट के लिए विरोधस्वरूप मौन खड़े रहे।

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष से अपील की कि ‘मुंह पर पट्टी न बांधें, बोलना चाहें तो बोलें। मैं आग्रह करता हूं नेता विपक्ष बोलें।’

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने हाथों से इशारा कर कहा, “आप ही बोलें मैं नहीं बोलूंगा।”

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सभी सदस्यों ने हामी भरी और विधानसभा अध्यक्ष ने उस प्रस्ताव को सदन में सत्ता पक्ष से मंजूरी दिलाई। राष्ट्रगान के बाद सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया।

 

(इस खबर को न्यूज्ड टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
(आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर फ़ॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब भी कर सकते हैं.)