UP: 69000 शिक्षक भर्ती फिर लटकी, हाईकोर्ट ने लगाई रोक, आज से शुरू होनी थी काउंसलिंग

UP: 69000 शिक्षक भर्ती फिर लटकी, हाईकोर्ट ने लगाई रोक, आज से शुरू होनी थी काउंसलिंग

उत्तर प्रदेश परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने फिलहाल रोक लगा दी है। बुधवार से भर्ती को लेकर काउंसलिंग शुरू होनी थी लेकिन फिलहाल इस पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि अभ्यर्थी विवादित प्रश्नों पर आपत्तियों को एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार के सामने पेश करें। अब यूजीसी के अध्यक्ष से इस मामले में राय लेकर आगे फैसला लिया जाएगा। कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी।

परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने 9 मई को संशोधित उत्तरमाला और 12 मई को परिणाम जारी किया था, लेकिन एक-दो नंबर से फेल हो रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने तकरीबन एक दर्जन प्रश्नों के उत्तर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट की इलाहाबाद और लखनऊ खंडपीठ में 200 से अधिक याचिकाएं दाखिल की थी। हाई कोर्ट लखनऊ की बेंच में कोर्ट नंबर 26 में मामले की सुनवाई की गई। यह याचिका अमिता त्रिपाठी व अन्य की ओर से दायर की गई थी। हाई कोर्ट ने कहा है कि यूजीसी के चेयरमैन को पत्र लिखकर सारे विवादित प्रश्नों पर एक्सपर्ट ओपिनियन लिया जाएगा। एक्सपर्ट का ओपिनियन आने के बाद अब आगे फैसला होगा।


क्या है मामला

दरअसल बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए 5 दिसंबर 2018 को शासनादेश जारी किया गया था। 6 दिसंबर से 20 दिसंबर 2018 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए। इसके बाद छह जनवरी 2019 को परीक्षा हुई थी। इन पदों के लिए करीब चार लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद सरकार ने भर्ती का कटऑफ सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के लिए 150 में से 97 (65 फीसदी) और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 150 में 90 अंक (60 फीसदी) की अनिवार्यता के साथ तय की थी। इस आदेश को लेकर अभ्यार्थियों ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी थी।

कोर्ट ने 6 मई को राज्य सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया

वहीं, सितंबर 2018 में 68,500 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में सामान्य व ओबीसी वर्ग के लिए 45 और आरक्षित वर्ग के लिए 40 फीसदी कटऑफ अंक तय हुआ था। अभ्यर्थियों का एक वर्ग पुराने कटऑफ अंक लागू करने की मांग कर रहा था तो वहीं कई अभ्यर्थी शासन की ओर से जारी कटऑफ अंक के पक्ष में थे। इस बात को लेकर मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। 6 मई को कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए तीन माह के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश दिया था। लेकिन, अब एक बार फिर से मामला फंस गया है।

कोर्ट के इस फैसले के बाद 8 मई के बाद से सरकार द्वारा कराई गई सभी प्रक्रिया पर रोक लग गई है। कोर्ट के इस फैसले के बाद इस मामले में आंसरशीट, संशोधित आसंरशीट, कॉउंसलिंग प्रक्रिया समेत सभी शून्य यानी उनका कोई अर्थ नहीं रह गया है। इससे पहले 27 से 31 मई के बीच आवेदनों की जांच के बाद ऑनलाइन प्रोसेसिंग कर वेबसाइट पर सूची अपलोड की गई थी। वहीं, 3 से 6 जून के बीच जिलों में काउंसलिंग कर चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया जाना था।



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