सपेरा बुलाकर अखिलेश यादव ने मनाया ‘खजांची’ का जन्मदिन

सपेरा बुलाकर अखिलेश यादव ने मनाया 'खजांची' का जन्मदिन

नोटबंदी को आज तीन साल पूरे हो गए हैं। 8 नवंबर, 2016 को इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात 8 बजे बड़ा ऐलान करते हुए नोटबंदी का ऐलान किया था। अचानक 1000 और 500 के नोटों के लीगल टेंडर रद्द किए जाने के बाद देश में हलचल सी मच गई थी। बाद में नोटबंदी पर काफी विवाद हुआ और आज तक एक बड़ा राजनीतिक सवाल बना हुआ है।

वहीं नोटबंदी से जुड़ा एक दूसरा किस्सा भी है जिसका आज जिक्र हो रहा है। नोटबंदी के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में कुछ ऐसा हुआ, जिसका जश्न सपा हर साल मनाती है। आज शुक्रवार को भी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खजांची का जन्म दिन मनाया। इस बर्थडे पार्टी के जरिए अखिलेश ने सीधे पीएम मोदी पर बोला। इस मौके पर अखिलेश ने नोटबंदी के विरोध के अनोखे तरीके के लिए एक सपेरे को बुला रखा था। सपेरे ने बीन बजाकर खजांची का जन्मदिन मनाया।


अखिलेश यादव ने खजांची रखा था नाम

इस बालक का जन्म आठ नवंबर 2016 को कानपुर देहात में हुआ था। अखिलेश यादव उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। वह नोटबंदी का विरोध कर रहे थे। इसीलिए उन्होंने बालक का नाम खजांची रख दिया था। साथ ही एक घर उपहार में दिया था। इस घर की खासियत है कि वह लोहे और कंक्रीट से बना है। यह आवास गांव में नहीं बल्कि दिल्ली से लाकर यहां फिट किया गया था।

लाइन में हुआ था बच्चे का जन्म

नोटबंदी के दौरान खजांची की मां सर्वेषा 8 नवंबर को पंजाब नेशनल बैंक जाकर पैसा निकालने के लिए सुबह 11 बजे से ही लाइन में लगी थी। वहीं उसे प्रसव पीड़ा हुई और उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। जब इसकी खबर मीडिया के माध्यम से अखिलेश यादव तक पहुंची तो उन्होंने बैंक में पैदा होने के कारण इस बच्चे का नाम खजांची रख दिया। उन्होंने उसकी मां को 1 लाख रुपये सहायता राशि के तौर पर भी दिए थे।


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