यूपी: 24 साल से धरने पर बैठे टीचर को खुले में कच्छा सुखाना पड़ा महंगा, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

24 सालों से कलक्ट्रेट में धरना देकर भूमाफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे मास्टर विजय सिंह पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने टीचर विजय सिंह पर खुले में अंडरवियर सुखाने के आरोप में केस दर्ज किया है।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। 24 सालों से कलक्ट्रेट में धरना देकर भूमाफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे मास्टर विजय सिंह पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने टीचर विजय सिंह पर खुले में अंडरवियर सुखाने के आरोप में केस दर्ज किया है। हाल ही में डीएम मुजफ्फरनगर सेल्जा कुमारी ने उन्हें धरने से उठवा दिया था।

धारा 509 के तहत मुकदमा दर्ज

विजय सिंह के खिलाफ संजय कुमार नाम के व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया है। उसने आरोप लगाया है कि कलक्ट्रेट में विजय सिंह ने धरनास्थल के बाहर खुले में कच्छे सुखाए हैं। इस आरोप के चलते सिविल लाइन थाना में धारा 509 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस धारा में स्त्री लज्जा भंग की कार्यवाही होती है।


‘अंडरवियर मेरा नहीं था’

विजय सिंह ने दावा किया कि “अंडरवियर मेरा नहीं था। मेरे पास रह रहे एक बेसहारा का था जिसने एसएसपी साहब को अपना एफिडेविट दे दिया है।” दरअसल, निरमाना गांव के कृष्णपाल ने पुलिस को शपथपत्र देकर कहा है कि ये अंडर गारमेंट मेरे थे। सिविल लाइन पुलिस को दिए शपथपत्र में कृष्णपाल ने कहा कि विजय सिंह के साथ वह भी बीते 25 दिनों से उनके साथ धरने पर बैठ रहे थे। मेरे हाथ पर प्लास्टर चढ़ा है, पत्नी मर चुकी हैं, ऐसे में भोजन भी मास्टर अपने हाथों से बनाकर खिला रहे हैं। भूलवश मेरे अंडरवियर ही बाहर रह गए थे। इन कपड़ों से विजय सिंह का कोई मतलब नहीं है। अनजाने में हुई अपनी गलती को मैं स्वीकार करता हूं। मेरी गलती को क्षमा किया जाए और वाद समाप्त किया जाए। वहीं इस मामले में पुलिस का कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है।

1996 से धरना दे रहे हैं विजय सिंह

आपको बता दें कि विजय सिंह पिछले 24 सालों से भू-माफियाओं के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे लंबा धरना देने पर विजय सिंह का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस, लिम्का बुक में दर्ज है। वे यह धरना 26 फरवरी 1996 से दे रहे हैं। लेकिन, हाल ही में मुज़फ्फरनगर की डीएम सेल्जा कुमारी ने उन्हें धरने से उठवा दिया था। इसके बाद विजय सिंह ने अपना धरना कलेक्ट्रेट से उठाकर शिव चौक पर चालू कर दिया है। विजय सिंह का कहना है कि मैं हटने वाला नहीं हूं। संघर्ष करता रहूंगा। चाहे मुझे फांसी पर लटका दिया जाए। उन्होंने कहा कि मेरे धरने को खत्म करने क लिए यह साजिश रची है।


1996 से धरना दे रहे व्यक्ति को विरोध प्रदर्शन खत्म करने का निर्देश


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