वैश्विक सम्मेलन में पाकिस्तानी आतंकी वित्तपोषण को बेनकाब करेगा भारत

नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)| ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आतंकवाद के खतरे आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन के दौरान भारत, पाकिस्तान स्थित उन आतंकी संगठनों के बारे में जानकारी साझा करेगा, जो दक्षिण एशिया में शांति में खललद डालने के लिए जिहाद को वित्तपोषित करते हैं।

छह नवंबर से शुरू हुए इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का विषय ‘आतंकवाद के लिए कोई धनराशि नहीं (नो मनी फॉर टेरर)’ है। सम्मेलन में उठाए जाने वाला मुख्य मुद्दा यह है कि आतंकी गतिविधियों के लिए धन प्रवाह को कैसे रोका जाए और देशों के बीच किस तरह के समन्वय की आवश्यकता है।


भारत अपनी विस्तृत रिपोर्ट में पाकिस्तान से संबंधित अलकायदा, आईएसआईएस, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और उनके सहयोगियों के साथ-साथ सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले आतंकवादियों के वित्तपोषण चैनलों के बारे में जानकारी प्रस्तुत करेगा।

भारत पाकिस्तान में आतंकवादियों को मुहैया कराए जाने वाले सुरक्षित ठिकानों व बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए सभी देशों से मिलकर काम करने की अपील भी कर रहा है।

एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने कहा, “हम यह भी बताएंगे कि कैसे पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जिहाद को फंडिंग करने के लिए दक्षिण एशिया में नकली मुद्राओं को बढ़ावा दे रहे हैं।”


इसके अलावा भारत सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों से आतंकवादी वित्त पोषण से लड़ने के लिए यूएनएससी प्रस्ताव 2462 को लागू करने का आह्वान करेगा।

सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल कर रहा है। इसके अलावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), वित्तीय खुफिया इकाई और विदेश मंत्रालय के शीर्ष आईपीएस अधिकारी मंत्री के साथ हैं।

इस सम्मेलन में 70 से अधिक देश भाग ले रहे हैं। पिछले वर्ष अप्रैल में जहां पेरिस ने इस सम्मेलन की मेजबानी की थी, वहीं अगले वर्ष 2020 में भारत इस सम्मेलन की मेजबानी करेगा।

 

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